मौत के कुएं ने छीनी पांच जिंदगियां, न्याय की मांग पर फूटा गुस्साअजयगढ़ में पीड़ित परिवारों का चक्काजाम

Revanchal
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“दोषियों पर हो एफआईआर, 50-50 लाख मुआवजा दे सरकार”

अजयगढ़ में हुए दर्दनाक कुआं हादसे के बाद बुधवार को जनाक्रोश सड़क पर उतर आया। पांच मजदूरों की मौत से आक्रोशित परिजनों, ग्रामीणों और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने माधोगंज चौराहे पर करीब दो घंटे तक चक्काजाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। इस दौरान कानपुर-कटनी मार्ग पूरी तरह ठप रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।


प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री द्वारा घोषित 4-4 लाख रुपये की सहायता राशि को नाकाफी बताते हुए प्रत्येक मृतक परिवार को 50-50 लाख रुपये मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी तथा मृतकों के बच्चों की शिक्षा और पालन-पोषण की जिम्मेदारी शासन द्वारा उठाने की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान परिजनों का दर्द छलक उठा। महिलाएं सड़क पर बैठकर रोती-बिलखती रहीं, कई महिलाएं छाती पीटते हुए शासन-प्रशासन को कोसती नजर आईं। हादसे में पिता को खो चुके मासूम बच्चों की स्थिति देख मौके पर मौजूद लोगों की आंखें नम हो गईं।


ग्रामीणों और कांग्रेस नेताओं ने ग्राम पंचायत बीहरपुरवा के सरपंच, सचिव, ग्राम रोजगार सहायक, उपयंत्री तथा जनपद पंचायत सीईओ अजयगढ़ के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने की मांग उठाई। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बिना सुरक्षा इंतजाम मजदूरों को कुएं में उतारा गया, जिससे यह बड़ा हादसा हुआ।


चिलचिलाती गर्मी के बावजूद ग्रामीण और पीड़ित परिवार सड़क पर डटे रहे। कांग्रेस नेताओं ने पीड़ित परिवारों की मांगों को जायज बताते हुए आंदोलन को समर्थन दिया।
चक्काजाम के चलते स्टेट हाईवे पर यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई यात्री वाहन और एंबुलेंस भी जाम में फंस गईं, जिससे राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।


उल्लेखनीय है कि मंगलवार सुबह बीहरपुरवा पंचायत के मजरा नयापुरवा में मनरेगा के तहत निर्माणाधीन सार्वजनिक कुएं की मिट्टी अचानक धंस गई थी। हादसे में पांच मजदूर जिंदा दफन हो गए थे। करीब दो घंटे बाद रेस्क्यू शुरू हुआ और लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद सभी शव बाहर निकाले जा सके।


ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माणाधीन कुआं पंचायत द्वारा ठेके पर कराया जा रहा था। बताया जा रहा है कि यह कुआं पिछले वर्ष भी धंस चुका था, इसके बावजूद बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के मजदूरों से काम कराया गया।
करीब दो घंटे बाद प्रशासन द्वारा दोषियों पर कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिए जाने के बाद चक्काजाम समाप्त हुआ और यातायात बहाल हो सका। हालांकि हादसे के बाद पूरे अजयगढ़ क्षेत्र में अब भी शोक, तनाव और आक्रोश का माहौल बना हुआ है।

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