दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिले की तहसील मुख्यालय घुघरी में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। क्षेत्र में संचालित एम्बुलेंस वाहन स्वयं जर्जर हालत में होने के कारण मरीजों को समय पर आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध नहीं हो पा रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कई एम्बुलेंस लंबे समय से तकनीकी खराबियों और रखरखाव की कमी से जूझ रही हैं, जिससे जरूरतमंद मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
बताया जा रहा है कि घुघरी क्षेत्र के दूरस्थ और आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाएं पहले से ही सीमित हैं। ऐसे में एम्बुलेंस सेवा ही मरीजों के लिए सबसे बड़ा सहारा होती है, लेकिन वाहनों की खराब स्थिति के कारण कई बार मरीजों और उनके परिजनों को निजी वाहनों का सहारा लेना पड़ता है। इससे आर्थिक बोझ बढ़ने के साथ-साथ गंभीर मरीजों की जान पर भी खतरा मंडराता है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार आपातकालीन कॉल के बाद भी एम्बुलेंस समय पर नहीं पहुंचती, जिसके पीछे वाहन की खराब स्थिति प्रमुख कारण बताई जाती है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग से जर्जर एम्बुलेंसों की तत्काल मरम्मत अथवा नए वाहनों की व्यवस्था करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर एम्बुलेंस जैसी महत्वपूर्ण सेवा की बदहाल स्थिति व्यवस्था की पोल खोल रही है। लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि आपातकालीन स्थिति में मरीजों को समय पर उपचार मिल सके।
अब देखना यह होगा कि स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन इस गंभीर समस्या को कितनी गंभीरता से लेते हैं और क्षेत्रवासियों को बेहतर एम्बुलेंस सुविधा कब तक उपलब्ध हो पाती है।
