परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट का बड़ा फैसला, चश्मदीद गवाह नहीं था
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– किराया और बिजली बिल बढ़ाने को लेकर हुए विवाद में मकान मालकिन की हत्या करने वाली किरायेदार युवती को सिवनी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। करीब दो वर्ष पुराने इस चर्चित मामले में अदालत ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को दोषी ठहराया।
किराया बढ़ाने की बात पर हुआ विवाद
कोतवाली पुलिस के अनुसार घटना 2 जून 2023 की शाम करीब 6 बजे महाराज बाग, भैरोगंज क्षेत्र की है। मकान मालकिन मधु तिवारी ने ऊपर किराए से रहने वाली रूपाली बघेल (24 वर्ष) को बिजली बिल और किराया बढ़ाने की बात करने के लिए नीचे बुलाया था। इसी दौरान दोनों के बीच विवाद हो गया।
किचन के तवा और चाकू से किया हमला
विवाद बढ़ने पर आरोपी रूपाली बघेल ने किचन में रखे लोहे के तवा और चाकू से मधु तिवारी की पीठ और गले पर हमला कर दिया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बेटी के घर पहुंचने पर हुआ खुलासा
शाम करीब 7 बजे मृतका की बेटी नीतू तिवारी घर पहुंची तो दरवाजा आधा खुला मिला। अंदर किचन में उसकी मां खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़ी थीं। इसके बाद कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई, जिस पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
बिना चश्मदीद गवाह के मजबूत साक्ष्यों से हुई दोषसिद्धि
मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी गवाह नहीं था। पूरा प्रकरण परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित था। सुनवाई माननीय न्यायाधीश श्री लक्ष्मण वर्मा की अदालत में हुई।
धारा 302 में आजीवन कारावास, धारा 201 में पांच वर्ष की सजा
शासन की ओर से वरिष्ठ अभियोजन अधिकारी श्री नवल किशोर सिंह ने प्रभावी पैरवी की। प्रस्तुत साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी रूपाली बघेल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास तथा धारा 201 के तहत 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
