सेफ क्लिक 2.0 अभियान पहुंचा मंडला के अंतिम छोर तक,

Revanchal
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मवई पुलिस ने बैगा बाहुल्य गांव में जगाई साइबर सुरक्षा की अलख

रेवांचल टाइम्स मवई मंडला जिले के अंतिम और दुर्गम वनांचल क्षेत्रों तक पुलिस की पहुंच सुनिश्चित करने तथा आदिवासी समुदाय को साइबर अपराधों से सुरक्षित रखने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के तहत शुक्रवार को थाना मवई पुलिस ने ग्राम औरा घघरा में विशेष साइबर जागरूकता चौपाल का आयोजन किया। कार्यक्रम में साइबर सुरक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य और आपदा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारियां भी ग्रामीणों को दी गईं।


पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में थाना प्रभारी आरती तेकाम, एएसआई कृष्ण कुमार चौबे एवं थाना स्टाफ की उपस्थिति में ग्राम चौपाल लगाकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया गया।
मवई थाना क्षेत्र मंडला जिले का वह अंतिम वनांचल इलाका है जहां बड़ी संख्या में बैगा जनजाति के परिवार निवास करते हैं। जंगलों और खेती पर निर्भर इन ग्रामीणों तक आधुनिक संचार और तकनीकी जानकारी सीमित रूप से पहुंच पाती है। ऐसे में साइबर अपराधियों द्वारा ठगी, फर्जी कॉल, ऑनलाइन धोखाधड़ी और बैंकिंग फ्रॉड जैसे मामलों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए पुलिस ने गांव पहुंचकर ग्रामीणों को जागरूक किया और बताया कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति को बैंक खाते, एटीएम कार्ड, ओटीपी, आधार नंबर या मोबाइल पर प्राप्त गोपनीय जानकारी साझा न करें।


पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाया कि साइबर अपराधी अब गांवों तक अपनी पहुंच बना रहे हैं और मोबाइल फोन के माध्यम से लोगों को ठगने का प्रयास करते हैं। किसी भी संदिग्ध कॉल, मैसेज या लिंक पर विश्वास करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है। साथ ही साइबर ठगी होने की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 या निकटतम पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई।
कार्यक्रम के दौरान केवल साइबर सुरक्षा तक ही चर्चा सीमित नहीं रही, बल्कि बारिश के मौसम को देखते हुए सर्पदंश जैसी घटनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। पुलिस ने ग्रामीणों से कहा कि सांप काटने की स्थिति में झाड़-फूंक या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय पीड़ित व्यक्ति को तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल पहुंचाएं, क्योंकि समय पर उपचार ही जीवन बचा सकता है।


थाना प्रभारी आरती तेकाम ने बैगा समुदाय के लोगों को भरोसा दिलाया कि किसी भी प्रकार की समस्या, आपात स्थिति, स्वास्थ्य संकट या कानून व्यवस्था संबंधी परेशानी होने पर मवई पुलिस हर समय उनके साथ खड़ी है। उन्होंने ग्रामीणों को अपना एवं थाना स्टाफ का मोबाइल नंबर भी उपलब्ध कराया और महिलाओं, बच्चों तथा बुजुर्गों की सुरक्षा और सहायता के लिए सीधे संपर्क करने की अपील की।


ग्रामीणों ने भी पुलिस की इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि पहली बार साइबर अपराध, ऑनलाइन ठगी और आपातकालीन सहायता के संबंध में इतनी विस्तृत जानकारी गांव स्तर पर प्राप्त हुई है। कार्यक्रम के माध्यम से पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत हुआ।दुर्गम वनांचल में आयोजित यह चौपाल केवल जागरूकता कार्यक्रम नहीं बल्कि शासन-प्रशासन और आदिवासी समाज के बीच संवाद का एक सशक्त माध्यम बनकर उभरी। “सेफ क्लिक 2.0” अभियान के जरिए मवई पुलिस ने यह संदेश दिया कि जिले के अंतिम छोर पर बसे नागरिक भी सुरक्षा, जागरूकता और प्रशासनिक सहयोग के समान अधिकार रखते हैं तथा किसी भी संकट की घड़ी में पुलिस उनके साथ खड़ी है।

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