निजी और विवादित जमीनों पर सरकारी धन की बंदरबांट? महाकौशल जनप्रतिनिधि विचार मंच ने उठाए बड़े सवाल

Revanchal
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कानून बनाने की मांग, चेतावनी—नहीं रुका सरकारी धन का दुरुपयोग तो होगा जनआंदोलन, हाईकोर्ट में दायर होगी जनहित याचिका


दैनिक रेवांचल टाइम्स | जबलपुर।
सरकारी खजाने से विकास कार्यों के लिए जारी होने वाली राशि आखिर जनता के हित में खर्च हो रही है या निजी और विवादित जमीनों पर? इसी सवाल को लेकर महाकौशल जनप्रतिनिधि विचार मंच ने केंद्र और राज्य सरकार के साथ प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करते हुए निजी स्वामित्व एवं विवादित भूमियों पर सरकारी धन से कराए जा रहे निर्माण कार्यों पर तत्काल रोक लगाने की मांग की है।


मंच के संयोजक विजय कांडा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दावा किया कि प्रदेश में कई स्थानों पर सांसद निधि, विधायक निधि, पार्षद निधि तथा अन्य सरकारी योजनाओं की राशि से निजी एवं विवादित भूमि पर बिना पर्याप्त दस्तावेजों और स्वामित्व की जांच किए निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। उनका आरोप है कि इससे सरकारी धन का दुरुपयोग होने के साथ-साथ अनावश्यक विवाद भी उत्पन्न हो रहे हैं।


विजय कांडा का कहना है कि तालाब, बाउंड्रीवॉल, सड़क, सामुदायिक भवन, धार्मिक स्थल, नालियां सहित विभिन्न निर्माण कार्य बिना भूमि संबंधी अभिलेखों का समुचित सत्यापन किए कराए जाने के आरोप सामने आते रहे हैं। उन्होंने मांग की कि किसी भी निर्माण कार्य से पहले भूमि का स्वामित्व, पंजीयन और वैधानिक स्थिति की अनिवार्य जांच की जाए, ताकि सार्वजनिक धन का दुरुपयोग रोका जा सके।


महाकौशल जनप्रतिनिधि विचार मंच ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रमुख सचिव, संभागायुक्त जबलपुर और कलेक्टर जबलपुर से मांग की है कि निजी एवं विवादित भूमियों पर सरकारी राशि से निर्माण कार्यों को रोकने के लिए स्पष्ट और प्रभावी कानूनी प्रावधान बनाए जाएं। मंच का कहना है कि इससे सरकारी धन की बर्बादी रुकेगी और ऐसे मामलों को लेकर उत्पन्न होने वाले विवादों में भी कमी आएगी।


मंच ने चेतावनी दी है कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो विभिन्न सामाजिक, राजनीतिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के साथ जनआंदोलन किया जाएगा और मामले को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय में जनहित याचिका (PIL) भी दायर की जाएगी।


इस अवसर पर समाजसेवी राजेन्द्र चौधरी, रूपलाल यादव, दीपक सिंह राजपूत, अनुज सिंह ठाकुर, पिंकी ठाकुर, नरेश चिंटू राजपूत, आशीष यादव, राजेश पटेल, धीरज सिंह, कृष्णा साहू, संजीव भाई, शशांक यादव, सुरेश हिरसकर, जी.एस. राजपूत, अशोक सिंह जादौन, नदीम अंसारी, मुन्ना भाईजान सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने भी इस मांग का समर्थन किया।

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