कांग्रेस पर वामपंथी सोच हावी, संसद छोड़ सड़क की राजनीति कर रही है : ललिता वर्मा

Revanchal
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सबूत मांगो तो सड़क पर उतर आती है कांग्रेस, लोकतंत्र का कर रही अपमान : ललिता वर्मा

कांग्रेस को महिलाओं की चिंता नहीं, राजनीतिक नौटंकी की आदत है : ललिता वर्मा

झूठ के सहारे पुतले जलाने से सच नहीं बदलता, कांग्रेस पर वामपंथी सोच हावी: ललिता वर्मा

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष श्रीमती ललिता वर्मा ने महिला कांग्रेस द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी एवं सांसद सुश्री कंगना रनौत का पुतला दहन किए जाने पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि कांग्रेस का यह प्रदर्शन उसकी राजनीतिक हताशा, वैचारिक दिवालियापन और लोकतांत्रिक मर्यादाओं से विमुख होती मानसिकता का परिचायक है।

उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में असहमति का अधिकार सभी को है, लेकिन असहमति और अराजकता में स्पष्ट अंतर होता है। जब कांग्रेस के पास तथ्यों और तर्क समाप्त हो जाते हैं, तब वह पुतला दहन, नारेबाजी और सड़क पर अराजक प्रदर्शन का सहारा लेती है।

श्रीमती ललिता वर्मा ने कहा कि आज की कांग्रेस पर वामपंथी विचारधारा का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। यही कारण है कि वह लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्थाओं में तथ्य, तर्क और संवैधानिक मर्यादाओं के साथ चर्चा करने के बजाय सड़कों पर अराजक प्रदर्शन, पुतला दहन और उन्माद की राजनीति को बढ़ावा दे रही है। कांग्रेस अब जनहित के मुद्दों पर रचनात्मक संवाद से अधिक राजनीतिक नाटक, सुर्खियां बटोरने और अराजक प्रदर्शन करने में विश्वास करती है। लोकतंत्र में असहमति व्यक्त करने का सबसे सशक्त मंच संसद और विधानसभाएं हैं, लेकिन कांग्रेस ने संसदीय परंपराओं को छोड़कर विरोध की संस्कृति को अराजकता में बदल दिया है।

उन्होंने कहा कि एक ओर कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका वाड्रा संसद के भीतर केंद्रीय मंत्री प्रहलाद जोशी पर बिना किसी प्रमाण के गंभीर आरोप लगाती हैं, वहीं जब केंद्रीय मंत्री जोशी उन आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत करने या सदन में अपने आरोपों पर क्षमा मांगने की बात करते हैं, तो कांग्रेस तथ्य प्रस्तुत करने के बजाय सड़कों पर प्रदर्शन शुरू कर देती है। यह लोकतांत्रिक जवाबदेही से बचने का प्रयास है।

श्रीमती ललिता वर्मा ने कहा कि कांग्रेस ने अब एक नई राजनीतिक परंपरा बना ली है सदन के भीतर मनगढ़ंत और निराधार आरोप लगाओ, और जब उन आरोपों पर सबूत मांगे जाएं तो जवाब देने के बजाय सड़कों पर अराजक प्रदर्शन करो। यह लोकतांत्रिक विमर्श नहीं, बल्कि तथ्यों से पलायन और राजनीतिक नौटंकी है। लोकतंत्र में आरोपों की विश्वसनीयता साक्ष्यों से सिद्ध होती है, न कि शोर-शराबे, पुतला दहन और विरोध प्रदर्शनों से।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने महिलाओं को केवल नारों में नहीं, बल्कि नीति और निर्णयों में सम्मान दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नारी शक्ति वंदन अधिनियम, बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, उज्ज्वला योजना और सुकन्या समृद्धि योजना जैसी अनेक योजनाओं ने महिलाओं के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है। इसके विपरीत कांग्रेस महिलाओं के नाम पर केवल राजनीतिक अवसर तलाशती रही है।

श्रीमती ललिता वर्मा ने कहा कि सांसद सुश्री कंगना रनौत हों या केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी, किसी भी विषय पर मतभेद का उत्तर तथ्य और विचार से दिया जाना चाहिए, न कि अराजक प्रदर्शन कर लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन करके। कांग्रेस को सड़क की राजनीति छोड़कर संसद की गरिमा, संविधान की भावना और लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी महिला मोर्चा कांग्रेस की इस नकारात्मक, भ्रामक और अराजक राजनीति की कड़ी निंदा करता है। जनता अब प्रदर्शन और प्रपंच की राजनीति नहीं, बल्कि विकास, सुशासन, महिला सम्मान और राष्ट्रहित की राजनीति के साथ खड़ी है।

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