रजिस्ट्रार को भेजे पत्र में संगठन के पंजीयन पर कार्रवाई का अनुरोध, पंचायत सचिवों ने की शीघ्र निर्णय की मांग
दैनिक रेवांचल टाइम्स। पंचायत राज संचालनालय, मध्यप्रदेश द्वारा वर्ष 2023 एवं 2025 में जारी आधिकारिक पत्रों ने मध्यप्रदेश पंचायत सचिव संगठन के संचालन को लेकर गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। संचालनालय ने अपने पत्रों में स्पष्ट उल्लेख किया है कि श्री दिनेश चन्द्र शर्मा ग्राम पंचायत सचिव के पद से पृथक किए जा चुके हैं। इसके बावजूद उनके द्वारा स्वयं को संगठन का प्रदेश अध्यक्ष बताते हुए गतिविधियां संचालित किए जाने पर आपत्ति दर्ज की गई है।
संचालनालय ने रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं, भोपाल को भेजे गए पत्र में कहा है कि श्री शर्मा वर्तमान में ग्राम पंचायत सचिव नहीं हैं, फिर भी संगठन के अध्यक्ष के रूप में पत्राचार एवं अन्य गतिविधियां संचालित कर रहे हैं। पत्र में उनके विरुद्ध दर्ज विभिन्न आपराधिक प्रकरणों तथा पंचायत सचिवों से कथित अवैध वसूली संबंधी शिकायतों का भी उल्लेख किया गया है। इन्हीं तथ्यों के आधार पर संचालनालय ने उनकी अध्यक्षता में संचालित संगठन के पंजीयन के संबंध में विधिसम्मत कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।
वहीं, पूर्व में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की कार्रवाई तथा विभिन्न मीडिया रिपोर्टों में भी श्री शर्मा के विरुद्ध आय से अधिक संपत्ति, वित्तीय अनियमितताओं एवं अन्य मामलों की जांच का उल्लेख किया गया है। हालांकि इन मामलों में अंतिम निर्णय सक्षम न्यायालय एवं संबंधित जांच एजेंसियों द्वारा ही किया जाना शेष है।
इस बीच कई पंचायत सचिवों का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति शासकीय सेवा से पृथक हो चुका है, तो उसे पंचायत सचिव संगठन का प्रतिनिधित्व करने अथवा संगठन के नाम पर गतिविधियां संचालित करने का अधिकार नहीं होना चाहिए। उन्होंने शासन एवं रजिस्ट्रार, फर्म एवं संस्थाएं से इस मामले में शीघ्र और विधिसम्मत निर्णय लेने की मांग की है।
