दैनिक रेवाँचल टाईम्स – छिंदवाड़ा श्री शिव महापुराण कथा के अंतर्गत भगवान शिव एवं माता पार्वती के दिव्य विवाह प्रसंग ने श्रद्धालुओं को भक्ति एवं आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। शिव बारात में महिलाओं, युवाओं एवं बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ढोल-नगाड़ों, भजनों और हर-हर महादेव के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो गया।
कथावाचक परम पूज्य गुरुदेव श्री श्री राकेशानंद जी महाराज ने अपने प्रेरणादायी प्रवचन में कहा कि भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य मिलन भारतीय संस्कृति में प्रेम, तप, समर्पण, समानता और आदर्श पारिवारिक जीवन का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजन समाज में सद्भाव, समरसता और नैतिक मूल्यों को सुदृढ़ करते हैं।
कथा के पश्चात महाआरती एवं प्रसाद वितरण हुआ। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव के दिव्य विवाह उत्सव का भावविभोर होकर आनंद लिया।
आज का विशेष आयोजन: कथा के अंतर्गत भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव श्रद्धा एवं उल्लास के साथ मनाया जाएगा। नंदोत्सव, झांकियां, भजन-कीर्तन और भक्तिमय कार्यक्रम इस आयोजन का विशेष आकर्षण रहेंगे।
श्री पंचमुखी शिव मंदिर समिति, जन सेवा हिताये संगठन एवं श्री राधा सेवा संगठन ने सभी श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर धर्म, संस्कृति और समरसता के इस महोत्सव का हिस्सा बनने का आग्रह किया है।
