दैनिक रेवांचल टाइम्स पन्ना। दक्षिण पन्ना वनमण्डल के मोहन्द्रा वन परिक्षेत्र में नियमित वन गश्त के दौरान एक दुर्लभ सीलोन ओक (कुम्भी) वृक्ष की पहचान की गई। वनपाल जगदीश प्रसाद अहिरवार ने बीट पश्चिम मोहन्द्रा के वन कक्ष 1232 में इस वृक्ष को चिन्हित किया। इसका वानस्पतिक नाम केरिया अर्बोरिया (Careya arborea) है, जो लेसिथाइडेसी (Lecythidaceae) कुल का सदस्य है। इसे सामान्यतः सीलोन ओक, जंगली अमरूद तथा संस्कृत में कुम्भी के नाम से जाना जाता है। इसके घड़े (कुम्भ) के समान आकार के फल, बड़ी एवं चिकनी पत्तियाँ तथा शीत ऋतु में हरी पत्तियों का लाल रंग में परिवर्तित होना इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं।
यह वृक्ष सामान्यतः 15 से 48 फीट तक ऊँचा होता है तथा इसके फल रसीले एवं स्वादिष्ट होते हैं। आयुर्वेद एवं लोक चिकित्सा में इसकी छाल और पत्तियों का उपयोग घाव भरने, खाँसी तथा पेट संबंधी समस्याओं के उपचार में किया जाता रहा है। वर्तमान समय में प्राकृतिक वनों में यह प्रजाति अपेक्षाकृत दुर्लभ होती जा रही है। दक्षिण पन्ना वनमण्डल ने इस महत्वपूर्ण वनस्पति की उपस्थिति को क्षेत्र की समृद्ध जैव विविधता का प्रतीक बताते हुए ऐसे दुर्लभ वृक्षों के संरक्षण एवं संवर्धन की आवश्यकता पर बल दिया।
