ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश: बुजुर्ग को बंधक बना कपड़े उतारे, अश्लील वीडियो बना मांगे 5 लाख; 2 महिलाओं समेत 5 गिरफ्तार

Revanchal
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रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

शहर की देहात थाना पुलिस ने एक बुजुर्ग और प्रतिष्ठित व्यक्ति को हनीट्रैप व ब्लैकमेलिंग के जाल से बचाते हुए एक शातिर गिरोह का भंडाफोड़ किया है।

पुलिस ने झूठे रेप केस में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने वाली 2 महिलाओं और उनके 3 साथियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है।
​साजिश के तहत मकान में किया बंद, अश्लील वीडियो बनाकर की मारपीट
​पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़ित व्यक्ति ने 9 अगस्त को देहात थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। फरियादी ने बताया कि आरोपियों ने एक सोची-समझी साजिश के तहत उन्हें गुरैया रोड स्थित एक सुनसान मकान में बुलाया और फिर बंधक बना लिया। इसके बाद आरोपियों ने पीड़ित के साथ बेरहमी से मारपीट की, जबरन कपड़े उतरवाकर अश्लील वीडियो बनाया और फिर उस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने तथा दुष्कर्म के झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर 5 लाख रुपये ऐंठने की कोशिश की।

पुलिस की तुरंत कार्रवाई, गठित हुई विशेष टीम
​मामले की संवेदनशीलता और बुजुर्ग फरियादी की स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक गोविंद सिंह राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने मुखबिर की सटीक सूचना के आधार पर त्वरित घेराबंदी कर गिरोह के सभी 5 सदस्यों को हिरासत में लिया। पुलिसिया पूछताछ के सामने आरोपी टूट गए और उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया जा रहा है।

​पुराने अपराधी हैं गिरोह के सरगना
​जांच में सामने आया है कि पकड़े गए आरोपियों में तनवीर उल्ला और नूरुल हसन का आपराधिक इतिहास रहा है। इनके खिलाफ पूर्व में भी मारपीट, धोखाधड़ी और जुए के कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

​गिरफ्तार आरोपियों की सूची
​नुरुल हसन (35 वर्ष) – निवासी इकलेहरा, चांदामेटा
​खुशबू खान (41 वर्ष) – निवासी परासिया
​तनवीर उल्ला (45 वर्ष) – निवासी इकलेहरा, चांदामेटा
​सोनिका साहू (36 वर्ष) – निवासी परासिया
​सन्देश सोनी (40 वर्ष) – निवासी बड़कुही, चांदामेटा
​कार और 5 मोबाइल जब्त, टीम को मिलेगा पुरस्कार
​पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई एक कार (MP28CA9304, कीमत ₹1,75,000) और 5 महंगे स्मार्टफ़ोन (कीमत ₹1,50,000) बरामद किए हैं। कुल जब्त मशरुका की कीमत लगभग ₹3.25 लाख बताई जा रही है।

​इस त्वरित और निष्पक्ष विवेचना से एक निर्दोष और बुजुर्ग नागरिक झूठे आपराधिक मामले में फंसने से बाल-बाल बच गए। देहात पुलिस की इस सराहनीय सफलता पर पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारी गोविंद सिंह राजपूत, उप निरीक्षक करिश्मा चौधरी और उनकी पूरी टीम को नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।

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