काराबोह डैम रिंग रोड के पास मिला था अज्ञात शव, देहात थाना पुलिस को मिली बड़ी सफलता
बहन को परेशान करने से नाराज था आरोपी, रस्सी से घोंटा था गला
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
थाना देहात क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम काराबोह डैम रिंग रोड के पास मिले अज्ञात शव के अंधे कत्ल की गुत्थी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर सुलझा लिया है। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए पुलिस ने मृतक के साले को गिरफ्तार किया है। पारिवारिक रंजिश और बहन को प्रताड़ित किए जाने से नाराज होकर साले ने ही अपने जीजा की रस्सी से गला घोंटकर बेरहमी से हत्या की थी।
बबूल के पेड़ के पास मिला था अज्ञात शव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीते मंगलवार 19 मई को काराबोह डैम रिंग रोड के पास बबूल के पेड़ के नीचे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया था। सूचना मिलते ही देहात थाना पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की। शव के निरीक्षण से साफ हो गया कि मामला हत्या का है। पुलिस ने तत्काल अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 274/26, धारा 103(A) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी।
वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों से खुला राज
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अजय पांडे एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन और नगर पुलिस अधीक्षक अजय राणा के मार्गदर्शन में देहात थाना प्रभारी जी.एस. राजपूत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। घटना स्थल पर एफएसएल अधिकारी अजीता जौहरी, फिंगर प्रिंट निरीक्षक सतेन्द्र बघेल, डॉग स्क्वॉड और साइबर सेल की टीम ने वैज्ञानिक और तकनीकी अनवेषण प्रारंभ किया।
भौतिक व तकनीकी साक्ष्यों, मुखबिर की सूचना और आसपास के लोगों से पूछताछ के बाद पुलिस कड़ियों को जोड़ते हुए मृतक गोलू उर्फ शरद कुमार (39 वर्ष), निवासी परासिया के साले दिलीप पिता राजेन्द्र प्रसाद सिसोदिया (35 वर्ष), निवासी ईशानगर, देहात तक जा पहुंची।
पूछताछ में उगला राज बहन को करता था परेशान
पुलिस ने जब संदेही साले दिलीप को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो वह ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका। जब उसका धैर्य टूटा, तो उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी दिलीप ने बताया कि उसका जीजा शरद कुमार शादी के बाद से ही उसकी बहन को लगातार परेशान और प्रताड़ित करता था। इसी पारिवारिक रंजिश के चलते उसने जीजा को रास्ते से हटाने की योजना बनाई और रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।
सराहनीय भूमिका इनकी रही
इस अंधे कत्ल का महज 24 घंटे में खुलासा करने में निम्नलिखित टीम की विशेष और सराहनीय भूमिका रही
नेतृत्व देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जी. एस. राजपूत,फोरेंसिक व तकनीकी टीम एफएसएल अधिकारी अजीता जौहरी, फिंगर प्रिंट निरीक्षक सतेन्द्र बघेल, साइबर सेल से अभिषेक और डॉग स्क्वॉड से जितेन्द्र।
पुलिस टीम: उनि हर्ष नागले, सउनि संदीप राजपूत, सउनि नितेश ठाकुर, प्र.आर. मंगल तेकाम।
आरक्षक: शैलेन्द्र, सौरभ, शेर सिंह, अर्जुन, झनक, तरुण, सूरज एवं महिला आरक्षक रानू।
