रेल विकास को लेकर पूर्व सांसद से मिले रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह

Revanchal
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बालाघाट जंक्शन के विस्तार और नई ट्रेनों की मांग, भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा


दैनिक रेवांचल टाइम्स।
महाकौशल क्षेत्र में रेल सुविधाओं के विस्तार को लेकर पिछले छह वर्षों से सक्रिय रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह ने हाल ही में बालाघाट-सिवनी के पूर्व सांसद डॉ. ढाल सिंह बिसेन से उनके निवास पर मुलाकात की। इस दौरान क्षेत्र में रेल विकास को लेकर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई और भविष्य की कार्ययोजना की रूपरेखा तैयार की गई।


बैठक में बालाघाट जंक्शन रेलवे स्टेशन के विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा हुई। बताया गया कि वर्तमान में बालाघाट स्टेशन को विश्वस्तरीय स्टेशन के रूप में विकसित किया गया है, लेकिन पुरानी स्टेशन बिल्डिंग के विस्तार और आधुनिकीकरण की आवश्यकता अभी भी बनी हुई है। इसे सिवनी स्टेशन की तर्ज पर विकसित करने का सुझाव भी रखा गया।


अमृत भारत स्टेशन योजना में ROB की मांग


चर्चा के दौरान यह मुद्दा भी उठाया गया कि अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत बालाघाट जंक्शन को 12 मीटर चौड़ा रोड ओवर ब्रिज (ROB) नहीं दिया गया है। क्षेत्र के रेल यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लिफ्ट सहित चौड़ा ROB निर्माण की मांग रखी गई।


प्लेटफॉर्म विस्तार की आवश्यकता


बालाघाट जंक्शन पर चार प्लेटफॉर्म होने के बावजूद फिलहाल केवल तीन हाई लेवल पैसेंजर प्लेटफॉर्म ही उपयोग में हैं। रेक पॉइंट के कारण स्टेशन विस्तार में बाधा आ रही है। वर्ष 2022 से रेक पॉइंट को गर्रा हाल्ट स्थानांतरित करने की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन वर्ष 2026 तक भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है।


रेल एक्टिविस्ट अथर्व सिंह ने सुझाव दिया कि वर्तमान रेक पॉइंट (लगभग 710 मीटर लंबा और 12 मीटर चौड़ा) को हटाकर वहां चौथा और पांचवां हाई लेवल प्लेटफॉर्म बनाया जा सकता है। इससे स्टेशन का वास्तविक रूप से जंक्शन के रूप में विकास होगा और नई एक्सप्रेस ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं बढ़ेंगी।


ट्रेनों में पानी भरने की व्यवस्था भी मुद्दा


बैठक में यह भी बताया गया कि बी-क्लास जंक्शन होने के बावजूद कई ट्रेनों में पानी भरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। सुझाव दिया गया कि प्लेटफॉर्म 1 और 2 के बीच ट्रैक के मध्य वाटर पाइप लाइन डाली जाए, जिससे ट्रेनों में आसानी से पानी भरा जा सके।


नई ट्रेनों की मांग


बैठक में कई नई ट्रेनों की शुरुआत और कुछ ट्रेनों के विस्तार की मांग भी उठाई गई, जिनमें प्रमुख रूप से—


जयपुर से कन्याकुमारी तक द्वि-साप्ताहिक सुपरफास्ट एक्सप्रेस
बालाघाट से भोपाल–इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (वाया नैनपुर–छिंदवाड़ा)
जबलपुर से इतवारी (नागपुर) के बीच सुपरफास्ट एक्सप्रेस (वाया बालाघाट)
बिलासपुर–इंदौर सुपरफास्ट एक्सप्रेस (वाया गोंदिया–छिंदवाड़ा–भोपाल)
साथ ही ऐतिहासिक सतपुड़ा एक्सप्रेस को पुनः जबलपुर–बालाघाट–बिलासपुर या जबलपुर–बालाघाट–नागपुर के रूप में शुरू करने की मांग भी रखी गई।


नई ब्रॉडगेज रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा


बैठक में बालाघाट क्षेत्र की कई प्रस्तावित ब्रॉडगेज रेल परियोजनाओं पर भी चर्चा की गई, जिनमें—
बालाघाट–भरवेली–उकवा (62.50 किमी)
वारासिवनी–खैरलांजी–तिरोरा (50 किमी)
लामटा–मलाजखंड
हट्टा–किरनापुर–लांजी
बरघाट–कटंगी
इन परियोजनाओं के सर्वे और लागत से जुड़ी जानकारी भी साझा की गई तथा इन पर जल्द निर्णय लेने की आवश्यकता जताई गई।


बैठक में इस बात पर सहमति जताई गई कि यदि इन प्रस्तावों को अमल में लाया जाए तो महाकौशल क्षेत्र में रेल संपर्क और यात्री सुविधाओं में बड़ा सुधार संभव है।

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