रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में मनाया गया राष्ट्रीय डेंगू दिवस, लोगों को किया जागरूक

Revanchal
3 Min Read

दैनिक रेवांचल टाइम्स – नरसिंहपुर।
दिनांक 16 मई 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में राष्ट्रीय डेंगू दिवस के अवसर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य लोगों में डेंगू बीमारी, उसके लक्षण, बचाव एवं सही समय पर उपचार के प्रति जागरूकता फैलाना रहा।

इस अवसर पर रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने बताया कि डेंगू एक मादा एडीज मच्छर के काटने से फैलने वाली गंभीर बीमारी है। यह मच्छर सामान्यतः सुबह एवं शाम के समय काटता है तथा साफ पानी में अंडे देता है। उन्होंने बताया कि मानसून से पहले ही मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है, ताकि डेंगू जैसी बीमारी से बचाव किया जा सके।

कार्यक्रम में लोगों को घरों एवं आसपास कहीं भी पानी जमा नहीं होने देने, सप्ताह में एक दिन कूलर को “ड्राई डे” रखने तथा पानी की टंकियों, गमलों, पुराने टायर एवं पॉलिथीन आदि की नियमित सफाई करने की सलाह दी गई। साथ ही साफ-सफाई एवं सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।

डॉ. कुर्रे ने बताया कि डेंगू होने पर शरीर में प्लेटलेट्स की संख्या कम होने लगती है। इसके प्रमुख लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, जोड़ों एवं मांसपेशियों में दर्द, शरीर पर लाल चकत्ते, उल्टी, कमजोरी, थकान एवं भूख न लगना शामिल हैं। अधिक गंभीर स्थिति में नाक, मुंह एवं दांतों से खून आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। उन्होंने बताया कि डेंगू को आम भाषा में “हड्डी तोड़ बुखार” भी कहा जाता है।

उन्होंने डेंगू के बचाव के लिए लोगों को पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने, मच्छरदानी का उपयोग करने तथा सुबह-शाम विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी। घरेलू उपायों में नीम एवं नारियल तेल का उपयोग, कपूर जलाना तथा लैवेंडर स्प्रे का इस्तेमाल करने की जानकारी भी दी गई।

डॉ. कुर्रे ने कहा कि डेंगू होने पर स्वयं दवा लेने से बचना चाहिए तथा डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही उपचार करना चाहिए। उन्होंने बताया कि दर्द एवं बुखार की स्थिति में केवल पेरासिटामोल का सेवन करें तथा पर्याप्त मात्रा में पानी एवं तरल पदार्थ लें। साथ ही शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए तुलसी-अदरक की चाय, हल्दी वाला दूध, कीवी एवं पपीते के सेवन को लाभकारी बताया।

उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि समय पर इलाज नहीं होने पर प्लेटलेट्स कम होने से आंतरिक रक्तस्राव एवं मल्टी ऑर्गन फेलियर जैसी गंभीर स्थिति उत्पन्न हो सकती है। कार्यक्रम के अंत में लोगों से स्वच्छता बनाए रखने एवं डेंगू से बचाव को ही सबसे बड़ा उपचार मानने की अपील की गई।

👁️ 5 views Views
Share This Article
Translate »