जबलपुर में चल रहा है सिलिग और सरकारी भूमि में तेजी से प्लाटिंग का दौर जबलपुर में “श्रीनिवास बाबा बर्फानी निवास” कॉलोनी का खुलासा

kaonebroadcast@gmail.com
6 Min Read
The phase of ceiling and plotting is going on rapidly in government land in Jabalpur. “Srinivas Baba Barfani Niwas” in Jabalpur

अवैध कॉलोनी का साम्राज्य – भूमाफिया बेलगाम, प्रशासन मौन

कॉलोनी का झूठा स्वर्ग – जनता बनी शिकार

दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर
“अनंत श्री बाबा बर्फानी निवास” नाम से जबलपुर में धड़ल्ले से मकान बेचे जा रहे हैं। विज्ञापनों में दावा किया गया है:1BHK से 3BHK तक मकान सिर्फ 14 से 42 लाख रुपये तक।“100% संतुष्टि, धन वापसी की गारंटी” जैसे लुभावने वादे।नजदीकी स्कूल, कॉलेज, रेलवे स्टेशन का हवाला दे कर लोगो के सपनो के घर का सपना दिखा कर कालोनाइजरों के द्वारा लूट कर तेजी से अपनी तिज़ोरी भर रहे है और जिम्मेदार विभाग नगर निगम टी एन सी पी राजस्व विभाग चैन की बंशी बजा रहें हैं। और अबैध कालोनियो को बैध तरीके से बेची जा रही है और सरकार को करोड़ो का राजस्व की आमदनी में चुना लगा रहे हैं, लेकिन असलियत यह है कि न नगर निगम से अनुमति न टीएनसीपी (टाउन एंड कंट्री प्लानिंग) पंजीकरण न नक्शा पासिंग यानी जनता के सामने एक “कॉलोनी नहीं, बल्कि धोखे का जाल” फैला हुए है। कालोनाइजर के द्वारा

कानून क्या कहता है?

  1. मध्यप्रदेश नगर निगम अधिनियम 1956, धारा 293 व 307..बिना अनुमति या नक्शा पास कराए भवन निर्माण करना दंडनीय अपराध है।
  2. मध्यप्रदेश टाउन एंड कंट्री प्लानिंग अधिनियम 1973, धारा 15 व 16..किसी भी नई कॉलोनी का पंजीकरण अनिवार्य।बिना पंजीकरण बिक्री अवैध।
  3. भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 420..धोखाधड़ी व छल के तहत खरीदारों को भ्रमित कर पैसे लेना संज्ञेय अपराध।
  4. सुप्रीम कोर्ट के आदेश
    “अवैध कॉलोनियों में मकान या प्लॉट खरीदने वालों को किसी प्रकार की कानूनी सुरक्षा नहीं मिलेगी।” यानी “बाबा बर्फानी निवास” जैसी कॉलोनियों का हर सौदा कानून की नज़र में अवैध और असुरक्षित है।
    पीड़ितों की कहानी – सपनों का घर बना सिरदर्द

गवाही 1

मैंने 17.81 लाख रुपये देकर 1BHK मकान खरीदा। सेलर ने कहा सब वैध है। और पता चला कॉलोनी रजिस्टर्ड ही नहीं है। हम कहां जाएं?” और किससे शिकायत कर की जिससे हमारे द्वारा ख़रीदे गए संपत्ति का नामातंरण हो सकें।

गवाही 2

हमारे जैसे मिडिल क्लास लोग सालों से एक एक रुपये की बचत कर घर खरीदते हैं। और उसमें भी हम अपने आप को लूटा हुआ महसूस कर रहे है और अब सुन रहे हैं यह सब अवैध है। बच्चों का भविष्य दांव पर लग गया।” पूरी पूंजी लगाकर जगह ली है कौन सुनेगा किसको सुनाए

गवाही 3

14 लाख में मकान का ऑफर मिला तो हमने फौरन एडवांस दे दिया। बाद में पता चला कि न इस कॉलोनी की तो निगम से मंजूरी है, न रजिस्ट्री। शिकायत करने पर भी अधिकारी चुप हैं।”

करोड़ों का राजस्व नुकसान

हर मकान–प्लॉट पर लगने वाला स्टाम्प ड्यूटी और टैक्स सरकार तक नहीं पहुंच रहा।सिर्फ “बाबा बर्फानी निवास” से ही करोड़ों रुपये की चोरी। यह सीधे-सीधे राजस्व घोटाला है।

प्रशासन पर गंभीर सवाल

क्या नगर निगम और टीएनसीपी अफसर इस खेल से बेखबर हैं?..
क्या नेताओं और अधिकारियों की मिलीभगत से भूमाफिया बेलगाम हैं?..
शिकायतों के बावजूद ठोस कार्रवाई क्यों नहीं?..
जनता को जागरूक करने की जिम्मेदारी कौन लेगा?..

जनता के लिए चेतावनी

बिना रजिस्ट्री, बिना अनुमति किसी भी मकान–प्लॉट का सौदा न करें।हर खरीदारी से पहले नगर निगम और टीएनसीपी से लिखित जानकारी लें।लुभावने विज्ञापनों और “गारंटी” जैसे शब्दों पर भरोसा न करें।

“श्रीनिवास बाबा बर्फानी निवास” कॉलोनी ने यह साबित कर दिया है कि जब प्रशासन आंख मूंद ले, तो भूमाफिया जनता की गाढ़ी कमाई लूटने से पीछे नहीं हटते।

जब तक शासन-प्रशासन सख्त कार्रवाई नहीं करता, तब तक यह खेल जारी रहेगा और जबलपुर की जनता ठगी जाती रहेगी।

    यह सिर्फ एक कॉलोनी का मामला नहीं, बल्कि जबलपुर में अवैध कॉलोनियों के बड़े रैकेट का हिस्सा है। सवाल यह है कि – जनता कब तक लुटती रहेगी और अधिकारी कब तक मौन रहेंगे?

वही स्थानीय जनों की माने तो कॉलोनाइजर के द्वारा बिना नगर निगम जबलपुर एंव टी एन सी पी से अनुमति प्राप्त की किये प्रलोभन देकर लोगो की सालो की मेहनत की कमाई में डाका डाल रहे है और लोगो को सर्व सुविधाएं सभी विभागों की अनुमति बतलाकर और विभागों के जिम्मेदारो से साठगांठ कर धड़ाधड़ रजिस्ट्री की जा रही है और सरकार को मिलने वाली राजस्व पर भी गोलमाल कर हज़म किया जा रहा है और शिक़वा शिकायत के बाद भी निजी भूमि सिलिग की भूमि अवैध कब्जा कर उन्हें महंगे महंगे दामों में बेच कर अपनी तिजोरी भर रहे हैं और विभागों के ज़िम्मेदारों का पता होने के बाद भी अपनी आँखें मुंद कर बैठे हुए और लोगो को लूटने के लिए छोड़ दिये हैं।
इनका कहना है कि
हम छोटे छोटे प्लाटो में ही कंस्ट्रक्शन कर रहे है जिसमे विभागों की अनुमति की आवश्कता नही पड़ती है जैसे जैसे हमे प्लाट मिल रहे है हम उनमें लोगो के लिए कंस्ट्रक्शन कर रहें हैं।
प्रशान्त उपाध्याय
कालोनाइजर बाबा बर्फ़ानी जबलपुर

👁️ 0 views Views
Share This Article
Translate »