दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला।
जिले के बहुचर्चित राहुल भांवरे हत्याकांड में आखिरकार न्यायालय ने कड़ा फैसला सुनाते हुए चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। माननीय चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, जिला मंडला की अदालत ने मामले को गंभीर आपराधिक षड्यंत्र मानते हुए आरोपी नीतेश कछवाहा, निशांत उर्फ सोनू कछवाहा, सुखचैन उर्फ दादी यादव और प्रशांत कछवाहा उर्फ निहुल को भारतीय दंड संहिता की धारा 302, 120-बी और 201 के तहत दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और कुल 12 हजार रुपये के अर्थदण्ड से दंडित किया।
यह मामला उस समय सामने आया था जब 14 जून 2024 को मृतक की मां लीलाबाई भांवरे ने पुलिस चौकी हिरदेनगर में अपने पुत्र राहुल भांवरे के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। राहुल 12 जून की रात करीब 8 बजे घर से निकला था और इसके बाद रहस्यमय तरीके से गायब हो गया। परिजनों द्वारा काफी खोजबीन के बावजूद जब कोई सुराग नहीं मिला तो मामला पुलिस तक पहुंचा।
जांच के दौरान 15 जून 2024 को ग्राम नेवरगांव के पास बंजर नदी से राहुल भांवरे का शव बरामद हुआ, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। शव की पहचान मृतक की मां और पत्नी ने कपड़ों व हुलिए के आधार पर की। इसके बाद पुलिस ने मामले को गुमशुदगी से हत्या में बदलते हुए थाना महाराजपुर में अपराध क्रमांक 381/24 दर्ज किया और जांच तेज कर दी।
पुलिस विवेचना में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसके बाद उनके मेमोरेण्डम कथनों के आधार पर हत्या में प्रयुक्त रस्सी, खून लगा पत्थर, प्लास्टिक की बोतल, डिस्पोजल, मृतक के खून से सने कपड़े, नारियल का खोल तथा घटना में इस्तेमाल किया गया ऑटो बरामद किया गया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि आरोपियों ने पूर्व नियोजित षड्यंत्र रचकर राहुल भांवरे की हत्या की और सबूत मिटाने की कोशिश की, जिसके चलते प्रकरण में धारा 120-बी भी जोड़ी गई।
मामले की संपूर्ण विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय में चालान पेश किया। विचारण के दौरान गवाहों के बयान, बरामद साक्ष्य और अभियोजन के तर्कों से सहमत होते हुए न्यायालय ने चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई।
अब बड़ा सवाल यह भी उठ रहा है कि आखिर एक युवक की हत्या की साजिश किस कारण रची गई और इतनी बड़ी वारदात की भनक पहले क्यों नहीं लग पाई? हालांकि न्यायालय के फैसले से मृतक के परिजनों को न्याय मिलने की उम्मीद जगी है, वहीं क्षेत्र में यह मामला लंबे समय तक चर्चा का विषय बना रहा।
प्रकरण में शासन की ओर से प्रभावी पैरवी अपर लोक अभियोजक श्री ब्रजेश चौरसिया द्वारा की गई, जिनकी दलीलों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी ठहराया।
राहुल भांवरे हत्याकांड: चार आरोपियों को आजीवन कारावास, सुनियोजित साजिश का हुआ पर्दाफाश लगाया अर्थदंड
