निर्माणों के इस पावन युग में युवाओं का निर्माण

Revanchal
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उत्तरं यत् समुद्रस्य हिमाद्रेश्चैव दक्षिणम्
वर्ष तद् भारतं नाम भारती यत्र सन्ततिः

दैनिक रेवांचल टाइम्स – मंडला, युवा जो कि किसी भी देश व राष्ट्र की नीव मानी जाती हैं, जिससे कि उस राष्ट्र की दिशा और दशा तय होती है। निर्माणों के इस पावन युग में युवाओं का निर्माण भारत मे तेज गति से हो रहा है। भारत के इतिहास में पूर्व से ही अनेकानेक युवाओ ने अपना सर्वस्व जीवन इस राष्ट्र के लिए समर्पित कर दिया। यह हमें भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भली भांति देखने मिलता है। भारत अपनी युवा शक्ति के कारण ही पुनः विश्व गुरु के शिखर पर स्थापित होने जा रहा है। वर्तमान में भारत पूरे विश्व में सबसे युवा देश है। यही अगर आकंडो की बात करे तो वर्तमान में 371.5 मिलियन युवा भारत में है। भारत युवाओं के कारण ही लगातार तेज़ गति से पूरे विश्व में अपनी अनूठी पहचान बना कर उभर रहा है। यह सब हमारे युवाओं की ही देन है।

खेल के क्षेत्र में भारत के युवा ने अपना निर्माण बहोत ही सहजता पूर्वक किया है। भारतिय भाई व बहन पूरे विश्व में अपनी अनूठी छाप छोड़ रहे हैं, चाहे बात किसी भी खेल की हो सबसे पहले नाम भारत का ही आता है। भारत ने विश्व मे खेल के क्षेत्र में अपने नाम का डंका बजा रखा है। भाई, बहने यहाँ तक कि भारत के बच्चे बच्चे खेल के प्रेमी है। नए नए खेलो में अपनी रुचि लेकर वह भारत के लिए खेल कर अपने राष्ट्र का नाम पूरे विश्व में प्रख्यात कर रहे हैं।

शिक्षा के क्षेत्र में –
शिक्षा के क्षेत्र में युवा अपना निर्माण स्वयं की प्रेरणा से कर रहे हैं। युवा भारत में शिक्षा की दृष्टि से बहोत सफलता हासिल की है। इसका उदहारण हम सभी के बीच वर्तमान में चंद्रयान 3 की उड़ान ओर उसकी सफलता है। विश्व स्तर पर भारत के युवा अपनी शिक्षा की सहायता से योगदान देकर भारत का नाम प्रख्यात कर रहे हैं। अगर शिक्षा के क्षेत्र में आकंडो की बात करें तो 70,000 अधिवक्ता प्रति वर्ष भारत से निकलते हैं। 90,000 डॉ प्रति वर्ष भारत से निकलते हैं 1.2 मिलियन विज्ञान के छात्र प्रति वर्ष भारत से निकलते हैं 1.5 मिलियन इंजीनियर प्रति वर्ष भारत में निकलते हैं सम्पूर्ण विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में भारत का अधिक योगदान है।

राजनीतिक क्षेत्र में –
राजनीतिक क्षेत्र में भारत का युवा अपना निर्माण दल एवं बल पूर्वक कर रहे हैं। छात्र राजनीति से अपने राजनीतिक जीवन को प्रारंभ कर एक सशक्त नेतृत्व सभी भारतवासी के लिए उभर कर आ रहे है। युवा नेतृत्व भारत के लिए बहोत ही लाभदायक है, आज अनेकानेक युवा राजनीति में अपनी रुचि लेकर शिक्षा के माध्यम से नई नई योजनाओं से सभी भारतवासी को लाभ प्रदान कर रहे हैं। यही निर्माण राजनीतिक क्षेत्र में यूवा वर्ग का स्वर्णिम भारत का इतिहास रचेगा।

धार्मिक क्षेत्र में –
निर्माणों के इस पावन युग में धार्मिक क्षेत्र पर प्रत्येक भारतीय युवा का निर्माण सत् प्रतिशत हो रहा है। धार्मिक आयोजनों में युवा वर्ग ही आगे आ रहा है। अपने धर्म की रक्षा करने के लिए भारत का प्रत्येक युवा सदैव तत्पर है। धार्मिक क्षेत्र में धर्म के खिलाफ छोटी से छोटी बातों का, अपने धर्म के विरुद्ध अनोपचारिक विमर्श क ध्यान रख कर भारत का प्रत्येक युवा अपनी धार्मिक आस्था पर कोई चोट नहीं आने देते।

नैतिक कार्यत्व –
निर्माणों के इस पावन युग में युवा वर्ग अपने नैतिक कर्तव्यों को सर्वप्रथम रख कर भारत के निर्माण में सहभागी बन रहा है। सभी युवा अपने नैतिक कर्तव्य से भली भाती परिचित है। चाहे वह शिक्षा के क्षेत्र में हो, धर्म के क्षेत्र में हो, मतदान के क्षेत्र में, राजनीतिक क्षेत्र में, सामाजिक क्षेत्र में अपने नैतिक कर्तव्य के साथ साथ व्यक्तिगत व्यवहार को भी सजों कर भारत को विश्व गुरु बनाने के मार्ग में शसक्त रूप से खड़े हैं। युवा वर्ग के इस निर्माण से भारत को पुनः विश्व गुरु बनने से कोई रोक नहीं सकता।


प्रवीण (छोटे) ठाकुर
विभाग संयोजक मंडला

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