ओपीडी से पैथोलॉजी तक अव्यवस्था कायम
विनोद दुबे जिला ब्यूरो
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी – कलेक्टर नेहा मीना द्वारा 15 अप्रैल को जिला चिकित्सालय सिवनी का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाएं सुधारने के सख्त निर्देश दिए गए थे, लेकिन 15 दिन बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। अस्पताल के ओपीडी से लेकर पैथोलॉजी तक अव्यवस्था का आलम है और मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

पैथालॉजी की फ़ोटो
मरीजों को नहीं मिल रही बैठने की सुविधा
निरीक्षण के दौरान गर्भवती महिलाओं, दिव्यांगजनों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष प्रतीक्षा क्षेत्र विकसित करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक वहां बैठने के लिए डेस्क-बेंच तक उपलब्ध नहीं हैं। मरीजों को घंटों खड़े रहकर अपनी बारी का इंतजार करना पड़ रहा है।

पैथालॉजी की इस जगह पर वेटिंग एरिया बनना था वह जगह
मार्गदर्शन और टोकन सिस्टम नहीं हुआ लागू
अस्पताल में विभागों तक पहुंच आसान बनाने के लिए मैप लगाने और टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इन पर अमल नहीं हुआ। कतार प्रबंधन के नाम पर लगाए गए फ्लेक्स मरीजों के लिए भ्रम का कारण बन रहे हैं।
दवा वितरण व्यवस्था बदहाल
डॉक्टरों द्वारा ओपीडी पर्ची में दवा लिखे जाने के बाद मरीजों को अलग से दवा वितरण पर्ची बनवाने के लिए भटकना पड़ रहा है। कलेक्टर ने इस व्यवस्था को सरल बनाने के निर्देश दिए थे, लेकिन अब तक कोई सुधार नहीं हुआ। वहीं, प्राइवेट पैरामेडिकल कॉलेज की छात्राएं दवा पर्ची लिखती नजर आईं, जो नियमों के विपरीत है।
शाम की ओपीडी में डॉक्टरों की कमी
सुबह-शाम पर्याप्त डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देशों के बावजूद शाम के समय केवल एक-दो डॉक्टर ही मौजूद रहते हैं। इससे मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है और उपचार प्रभावित हो रहा है।

ओपीडी पंजीयन की फ़ोटो
पैथोलॉजी और ब्लड कलेक्शन की स्थिति चिंताजनक
पैथोलॉजी लैब और ब्लड कलेक्शन सेंटर में बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। मरीजों को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है। पंजीयन और सैंपलिंग प्रक्रिया अलग करने तथा लैब को डिजिटल बनाने के निर्देश भी अब तक लागू नहीं किए गए हैं।
प्रशिक्षुओं से कराया जा रहा ब्लड कलेक्शन
सबसे गंभीर लापरवाही यह सामने आई है कि प्रशिक्षु लैब तकनीशियन सीधे ब्लड कलेक्शन कर रहे हैं, जबकि नियमानुसार उन्हें प्रशिक्षित तकनीशियन की निगरानी में कार्य करना चाहिए। इसे मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ माना जा रहा है।

ओपीडी जहां आज भी पैरामेडिकल कालेज की प्रशिक्षु स्टूडेंट दवाई लिख रही है।
पुलिस चौकी खोलने के निर्देश भी ठंडे बस्ते में
आकस्मिक चिकित्सा कक्ष में सीटी स्कैन के पास पुलिस चौकी खोलने के निर्देश भी दिए गए थे, लेकिन इस दिशा में भी कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
ग्राउंड जीरो पर पड़ताल में सामने आई हकीकत
हमारे संवाददाता ने आज जिला चिकित्सालय सिवनी का ग्राउंड जीरो पर निरीक्षण किया, जिसमें व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति सामने आई। मौके पर मरीजों की लंबी कतारें, बैठने की कमी और अव्यवस्था स्पष्ट रूप से देखी गई।
निर्देशों पर अमल होता तो बदल सकती थी तस्वीर
कलेक्टर द्वारा दिए गए निर्देश यदि समय पर लागू कर लिए जाते, तो अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार संभव था। मरीजों को राहत मिलती और स्वास्थ्य सेवाएं अधिक सुचारू व व्यवस्थित हो सकती थीं, लेकिन वर्तमान हालात यह दर्शाते हैं कि निर्देशों के पालन में लापरवाही के कारण सुधार की संभावनाएं अधूरी रह गईं।
