रेवांचल टाइम्स मंडला -तहसील मुख्यालय घुघरी एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की उपलब्धता को लेकर किसानों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। खरीफ सीजन के बीच किसानों का आरोप है कि खाद व्यापारी मनमाने ढंग से खाद बेच रहे हैं और कई स्थानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूली जा रही है। वहीं, इस पूरे मामले में जिम्मेदार अधिकारियों की निष्क्रियता पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि खेती का समय शुरू हो चुका है और उन्हें तत्काल खाद की आवश्यकता है, लेकिन खाद केंद्रों और दुकानों पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध नहीं कराई जा रही। कई किसानों को घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ रहा है, जबकि कुछ किसानों का आरोप है कि उन्हें खाद के नाम पर केवल आश्वासन और टोकन दिए जा रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि खाद की कृत्रिम कमी पैदा कर कुछ व्यापारी अधिक कीमत वसूल रहे हैं। किसानों का कहना है कि मजबूरी में उन्हें ऊंचे दामों पर खाद खरीदनी पड़ रही है, क्योंकि समय पर बुवाई नहीं होने पर फसल उत्पादन प्रभावित हो सकता है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि खाद की कमी और अधिक कीमत वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं, तो संबंधित विभागों द्वारा जांच और कार्रवाई क्यों नहीं की जा रही है। किसानों का कहना है कि कृषि विभाग और संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से दुकानों का निरीक्षण कर स्टॉक और बिक्री रजिस्टर की जांच करनी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।
किसानों के सवाल
निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर खाद बेचने वालों पर कार्रवाई कब होगी?
खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी किसकी है?
किसानों को समय पर खाद नहीं मिलने का जवाबदेह कौन है?
खाद विक्रेताओं के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड की जांच कब होगी?
किसानों की शिकायतों पर प्रशासन आखिर कब संज्ञान लेगा?
किसानों ने जिला प्रशासन और कृषि विभाग से मांग की है कि खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाया जाए, दोषी पाए जाने वाले व्यापारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए तथा किसानों को उचित मूल्य पर पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध कराई जाए, ताकि उनकी खेती प्रभावित न हो।
