दैनिक रेवाँचल टाईम्स- सिवनी/बरघाट (सिवनी) | सरकारी स्कूलों में सुधार की बात करने वालों के साथ क्या सुलूक होता है, इसकी एक रूह कंपा देने वाली तस्वीर बरघाट तहसील के ग्राम ताखलाखुर्द से सामने आई है। यहाँ बच्चों के भविष्य से खिलवाड़ और खाने की खराब गुणवत्ता पर सवाल उठाना एक ग्रामीण को इतना भारी पड़ा कि शिक्षकों ने गुरु की मर्यादा ताक पर रखकर सरेआम ‘जूता कांड’ कर डाला
मामला: गुणवत्ता पर सवाल, जूते से ‘जवाब’
शिकायत के अनुसार, ग्राम ताखलाखुर्द निवासी विनोद मर्सकोले (52) जब शासकीय माध्यमिक शाला में मध्यान्ह भोजन की जांच करने और बच्चों की शिक्षा का स्तर परखने पहुंचे, तो वहां मौजूद शिक्षकों का पारा चढ़ गया।

बजाय अपनी कमियां सुधारने के, शिक्षक सोविंद राहंगडाले और भरतलाल बघेल ने आव देखा न ताव और शिकायतकर्ता पर जूतों की बौछार कर दी जातिगत गालियां और जान से मारने की धमकी
पीड़ित विनोद मर्सकोले (गोंड आदिवासी) का आरोप है कि शिक्षकों ने उन्हें न केवल पीटा, बल्कि पूरी शाला के सामने गंदी-गंदी जातिगत गालियां दीं और अपमानित किया।
दबंगई यहीं नहीं रुकी, पीड़ित को जान से मारने की धमकी देकर वहां से खदेड़ दिया गया। इस खौफनाक मंजर के गवाह गांव के ही राजाराम परते और सुशीला मर्सकोले बने पुलिसिया कार्रवाई: BNS और SC/ST एक्ट के तहत केस दर्ज बरघाट पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। पुलिस ने नए कानून के तहत निम्नलिखित धाराओं में केस दर्ज किया है
भारतीय न्याय संहिता (BNS) धारा 133, 351(2), 3(5) SC ST एक्ट: धारा 3(1)द, 3(1)ध, 3(2) बड़ा सवाल: क्या शिक्षा के मंदिर में तैनात ये ‘गुरु’ कहलाने के हकदार हैं? जो सवाल पूछने पर जूते उठा लेते हैं, वे बच्चों को क्या संस्कार दे रहे होंगे प्रशासनिक अपडेट: पुलिस अब विवेचना में जुट गई है। ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है और आरोपी शिक्षकों की तत्काल गिरफ्तारी व निलंबन की मांग उठ रही है!
