कटनी। रेल यात्रियों की सुरक्षा पर लगातार सवाल उठते रहे हैं, लेकिन इस बार कटनी जीआरपी ने ऐसी कार्रवाई की है जिसने न केवल एक सक्रिय चोर गिरोह की कमर तोड़ी है, बल्कि यह भी संकेत दिया है कि यदि मुखबिर तंत्र और तकनीकी जांच प्रभावी हो तो संगठित अपराध ज्यादा दिनों तक कानून की नजरों से बच नहीं सकता।
जीआरपी कटनी ने राज्य स्तरीय चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से 10 लाख 30 हजार 848 रुपये मूल्य के सोने के आभूषण बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार आरोपियों में दो ऐसे शातिर अपराधी भी शामिल हैं, जो पहले से आपराधिक रिकॉर्ड रखते हैं और जीआरपी कटनी के निगरानी बदमाशों की सूची में दर्ज हैं।
यह पूरी कार्रवाई रेल पुलिस अधीक्षक सुन्दर सिंह कनेश के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रेल भावना मरावी तथा उप पुलिस अधीक्षक रेल कटनी विजय गोठरिया के मार्गदर्शन में अंजाम दी गई।
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में शरद उर्फ गोलू झारिया, अमित सिंह खगार, सौरभ कुल्हाड़ा, राहुल ठाकुर और हर्ष खगार शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी थाना जीआरपी कटनी में दर्ज अपराध क्रमांक 704/2026, 649/2026 और 679/2026 की विवेचना के दौरान हुई।
आरोपियों से एक सोने का हार, तीन मंगलसूत्र, एक जोड़ी सोने के झुमके, एक जोड़ी टॉप्स, दो सोने की अंगूठियां तथा एक सोने की बाली बरामद हुई है। बरामद आभूषणों का कुल मूल्य 10,30,848 रुपये आंका गया है।
मजबूत मुखबिर तंत्र बना सफलता की कुंजी
इस पूरी कार्रवाई की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी रहा जीआरपी का मुखबिर नेटवर्क। सूत्रों के अनुसार सहायक उप निरीक्षक सुशील सिंह, जिन्हें पुलिस महकमे में “पहलवान” के नाम से भी जाना जाता है, लंबे समय से अपने मजबूत मुखबिर तंत्र के लिए पहचाने जाते हैं। पूर्व में भी उनकी सूचनाओं के आधार पर कई महत्वपूर्ण आपराधिक मामलों का खुलासा हो चुका है। इस कार्रवाई में भी उनकी भूमिका उल्लेखनीय रही, जिसने पुलिस को गिरोह तक पहुंचने में अहम बढ़त दिलाई।
पूरे अभियान में थाना प्रभारी उप निरीक्षक अनिल मरावी, सहायक उप निरीक्षक सुशील सिंह, प्रधान आरक्षक राघवेन्द्र शर्मा, प्रवीण तिवारी, हरस्वरूप शर्मा, सागर उपाध्याय, आरक्षक सुनील परस्ते, धर्मेन्द्र गुप्ता, रवि पुरोहित, नारायण मिश्रा, रहस्य जंघेला, सहायक उप निरीक्षक रवि मांझी तथा आरपीएफ कटनी के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
फिलहाल सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय कटनी में पेश किया जा रहा है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ आगे बढ़ने के साथ गिरोह से जुड़ी कई और चोरी की वारदातों का खुलासा हो सकता है।
इस उल्लेखनीय सफलता पर रेल पुलिस अधीक्षक सुन्दर सिंह कनेश ने कार्रवाई में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की है। यह कार्रवाई केवल चोरी के जेवरों की बरामदगी भर नहीं, बल्कि रेल यात्रियों में सुरक्षा का विश्वास मजबूत करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
