दो थाना क्षेत्र के कारण फंसा पेंच
धनपुरी/सोहागपुर क्षेत्र/
रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन कर रही प्रतिष्ठित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कार्यालय में हुए खूनी खेल के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए क्षेत्र के आदतन और नामी उपद्रवी श्रीराम विश्वकर्मा ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं। दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों पर गोली दागने के बाद अब आरोपी ने कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को फोन पर सीधे लफ्जों में मौत की धमकी दी है। दबंग ने साफ लहजे में कहा—“अगर पुलिस में शिकायत की, तो सीधे जान से मार दूँगा।
मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा अपने गुर्गोंपप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ अचानक कंपनी दफ्तर में कट्टा लहराते हुए घुसा। आरोपियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन सिंह क्षत्रिय को बंधक बना लिया। दफ्तर के भीतर खौफ पैदा करने और अपनी हनक दिखाने के लिए आरोपियों ने देशी कट्टे से सीधे कर्मचारी के पैर में फायर कर दिया। कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे।
पीड़ित प्रबंधन का कहना है कि श्रीराम विश्वकर्मा का क्षेत्र में रोजगार दिलाने का मुखौटा पूरी तरह झूठा है; इसके पीछे दरअसल ‘गुंडा टैक्स’ का काला कारोबार छिपा है। कंपनी पर अवैध पैसों के लिए दबाव बनाना इसका रूटीन बन चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी अमलाई थाने और अनूपपुर कोतवाली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि जब पीड़ित कर्मचारी अमलाई थाने पहुंचे, तब उसने अपने मोबाइल नंबर 9826774921 से कॉल करके पुलिस के साए में बैठे कर्मचारियों को सरेआम गालियां दीं और शिकायत न करने की धमकी दी।
अमलाई थाना प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, जांच के दौरान इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक तकनीकी पेंच फंस गया। पुलिस तफ्तीश में यह पाया गया कि जिस घटनास्थल पर गोलीबारी और तांडव हुआ है, वह क्षेत्र अनूपपुर कोतवाली के अंतर्गत आता है। इसलिए अमलाई पुलिस अब मामले की अग्रिम डायरी और आगे की कानूनी कार्रवाई अनूपपुर कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर रही है।
आए दिन हो रही वारदातें आलोक त्रिपाठी की कार्यशैली पर लग रहे प्रश्न चिन्ह
रामपुर मेगा प्रोजेक्ट में दिन दहाड़े घटित हुई यह घटना बेहद संवेदनशील है और लगातार कुछ अवांछनीय तत्व दहशत फैलाने के इरादे से और गुंडा टैक्स के नाम पर ऐसी ही वारदातों को अंजाम देने की फिराक में रहते हैं इस मामले में जय अम्बे कंपनी का HR आलोक त्रिपाठी की भी भूमिका संदेह के घेरे में हैं क्योंकि स्थानीय लोगों और कुछ योग्य युवाओं ने यह आरोप कथित तौर पर आलोक त्रिपाठी के ऊपर लगाया है की उनके द्वारा लगातार भर्ती प्रक्रिया में कई प्रकार की मनमानियां और तानाशाही रवैया अख्तियार करके रखता है जिसकी वजह से स्थानीय युवाओं में गहरा रोष व्याप्त है आलोक त्रिपाठी के द्वारा लगातार पैसा लेकर जय अम्बे कंपनी में भर्तियां की गई है जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए साथ ही एसईसीएल प्रबंधन सोहागपुर क्षेत्र को अब और भी ज्यादा सतर्क और सावधान रहने की आवश्यकता है आए दिन खदान एरिया में हो रही ऐसी घटनाएं कई प्रकार के प्रश्न चिन्ह भी खड़े करती हैं और आए दिन अपराधिक मानसिकता के लोगों के द्वारा लगातार दहशत फैलाना रामपुर बटुरा क्षेत्र के लिए आम बात बनकर रह गई हैं अगर अभी भी कोई कार्यवाही सुनिश्चित नही की गई तो आने वाले समय में कई गंभीर और विभत्स घटना घटित हो सकती है इसमें कोई संदेह नहीं है
