दैनिक रेवांचल टाइम्स मंडला। हालोन बहु-ग्रामीण पेयजल परियोजना के कार्य के दौरान हुए दर्दनाक क्रेन हादसे में करंजिया निवासी कपूर झारिया की मौत के बाद मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बिछिया विधायक नारायण सिंह पट्टा ने हादसे को गंभीर लापरवाही बताते हुए कल्पतरु कंपनी के मालिक और जिम्मेदार अधिकारियों पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।
विधायक का कहना है कि जिस परियोजना का उद्देश्य ग्रामीणों तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाना है, उसी परियोजना में सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण एक मजदूर की जान चली गई और दो अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनी का कार्य वर्षों से विवादों और शिकायतों के घेरे में रहा है, फिर भी संबंधित विभाग द्वारा लगातार समय बढ़ाकर उसे संरक्षण दिया जाता रहा है।
विधायक ने यह भी कहा कि परियोजना की निर्धारित अवधि समाप्त हुए तीन वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन सैकड़ों गांव आज भी पेयजल सुविधा से वंचित हैं। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
“नल में पानी कब आएगा, यह तो पता नहीं… लेकिन एक्सटेंशन समय पर जरूर आ जाता है!”
हालोन परियोजना शायद देश की पहली ऐसी योजना बनती जा रही है, जहां पाइप से ज्यादा फाइलें बिछाई गई हैं और पानी से ज्यादा एक्सटेंशन बहाया गया है। गांव वाले वर्षों से नल में पानी का इंतजार कर रहे हैं, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कंपनी को नए-नए अवसर देने में व्यस्त दिखाई देते हैं।
परियोजना का हाल कुछ ऐसा है कि “हर घर जल” का सपना दिखाया गया, लेकिन अब सवाल यह उठ रहा है कि पहले पानी पहुंचेगा या अगला एक्सटेंशन आदेश?”
दुर्भाग्य यह है कि जिन मजदूरों के दम पर योजनाएं खड़ी होती हैं, सुरक्षा में लापरवाही होने पर सबसे बड़ी कीमत भी उन्हें ही चुकानी पड़ती है। यदि हादसों के बाद भी जिम्मेदारी तय नहीं होती, तो फिर सुरक्षा नियम केवल कागजों की शोभा बनकर रह जाते हैं।
