रेवांचल टाईम्स मंडला– तहसील मुख्यालय घुघरी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत किसली में विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के खुलेआम दुरुपयोग और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। पंचायत में प्रस्तुत किए जा रहे बिलों को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी व्याप्त है। आरोप है कि पंचायत में धुंधले, अस्पष्ट और संदिग्ध बिल लगाकर शासकीय राशि का बंदरबांट किया जा रहा है, वहीं जिम्मेदार अधिकारी सब कुछ देखकर भी अनजान बने हुए हैं।




ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में कराए गए कई कार्य केवल कागजों में सीमित दिखाई दे रहे हैं, जबकि वास्तविक धरातल पर विकास कार्यों की स्थिति बेहद खराब है। पंचायत के रिकॉर्ड में लगाए गए बिल इतने धुंधले और अस्पष्ट बताए जा रहे हैं कि उनमें सामग्री, राशि और संबंधित जानकारी तक स्पष्ट दिखाई नहीं देती। इसके बावजूद भुगतान प्रक्रिया पूरी कर दी गई, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस पूरे खेल में सरपंच, सचिव और उपयंत्री की मिलीभगत से सरकारी राशि का दुरुपयोग किया जा रहा है। नियमों को ताक पर रखकर फर्जी बिलों के माध्यम से लाखों रुपये निकालने की आशंका जताई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि जनपद पंचायत और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी शिकायतों के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
गांव के लोगों का कहना है कि यदि पंचायत के वित्तीय रिकॉर्ड और विकास कार्यों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़े स्तर पर अनियमितताएं उजागर हो सकती हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि ग्राम पंचायत किसली के समस्त बिलों, भुगतान रिकॉर्ड और निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करता है या फिर भ्रष्टाचार के आरोपों पर पर्दा डालने का प्रयास जारी रहेगा।
