दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला / प्रदेशव्यापी आवाहन पर जिले के अतिथि शिक्षकों ने अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए सरकार के समक्ष मांग पत्र रखते हुए संघर्ष को तेज कर दिया है।बताया गया है, कि यदि 2 सितंबर 2026 तक उनकी जायज और वर्षों पुरानी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो घोषणा पूरी करो और पत्र का पालन करो रैली” मण्डला में निकालकर सरकार का घेराव किया जाएगा ।
अतिथि शिक्षक परिवार से जिला अध्यक्ष पी.डी.खैरवार ने जानकारी देते हुए बताया है,कि माननीय मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह को संबोधित प्रस्ताव 23 अगस्त को कलेक्टर के हाथों सौपा गया है। जिसमें वर्षों से शिक्षा व्यवस्था को संभाल रहे अनुभवी अतिथि शिक्षकों को अब सम्मानजनक और सुरक्षित जीवन दिलाने की लंबित मांग प्रमुख है, मांग पत्र में चेतावनी भी दी है,कि सरकार से विनम्रता पूर्वक आवेदन निवेदन करते जीवन के अठारह वर्ष बीत चुके हैं। बावजूद सरकार अतिथि शिक्षकों का शोषण ही करते आ रही है,अब भी यदि 1 सितंबर 2026 तक इस संबंध में उचित निर्णय नहीं लिया जाता है,तो बुधवार 2 सितंबर को मण्डला जिला मुख्यालय में विशाल रैली निकालकर सरकार का घेराव करने मजबूर होना पड़ेगा। जिसमें ऐसे सभी अतिथि शिक्षक जो काम से बाहर कर दिए गए हैं और जो कार्यरत हैं सभी को आवश्यक रूप से सामिल होने की अपील की गई है।अतिथि शिक्षकों ने सत्ता पर बैठे नुमाइंदों पर आरोप लगाते हुए यह सवाल के साथ सुझाव भी दिया है,कि वर्तमान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विपक्ष के विधायक रहते हुए खुद अतिथि शिक्षकों के समर्थन में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमलनाथ सिंह को संबोधित करके पत्र लिखा था, इसी तरह विधानसभा चुनाव 2023 के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी करोड़ों के सरकारी खर्चे पर अतिथि शिक्षकों की भोपाल में 2 सितंबर 2023 को महापंचायत बुलाकर अनेकों लाभ देने की सार्वजनिक रूप से घोषणा की थी।जब सरकार उनकी ही बन गई फिर ऐसे अधिकारिक घोषणा और संविधानिक पद पर रहते हुए लिखे गए पत्र पर अमल करने में तीन साल की देरी क्यों? अब भी सरकार उन पर अमल कर सकती है। अन्यथा इस सरकार को झूठे वादे दावे करने वाली राजनीतिक पार्टी की ही सरकार मान ली जाएगी।
मुख्य मांगें:-
शिवराज सिंह चौहान की घोषणा पर अमल करने और अतिथि शिक्षकों के समर्थन में डाक्टर मोहन यादव के द्वारा लिखे पत्र पर शीघ्र अमल करने की मांग के साथ, अधिकतम कार्यानुभवी अतिथि शिक्षक के पद को रिक्त नहीं माने जाने, कम से कम दस अंक प्रति सत्र वेटेज अंक रके साथ विभागीय परीक्षा लेकर सम्मानजनक वेतन और अवकाश की सुविधा देते हुए संविदा शिक्षक का दर्जा दिलाने, शिक्षक के पद रिक्त होने पर सरकार की नीतियों के कारण बाहर हुए अतिथि शिक्षकों को अधिकतम अनुभव के आधार पर प्राथमिकता पूर्वक वरीयता दिलाए जाने,
अपात्र परंतु अनुभवी अतिथि शिक्षकों के समायोजन के लिए
अप्रशिक्षित परंतु अनुभवी अतिथि शिक्षकों को डी.एल. एड./बी.एड. जैसे प्रशिक्षण निशुल्क कराए जाने जैसी मांगें ज्ञापन में मुख्य रूप से सामिल किए गए हैं। रविवार 23 अगस्त को एक दिवसीय प्रदर्शन में सभी विकासखंडों से संगठन के जिम्मेदार पदाधिकारी मुख्य रूप से भागीदार बने।
