दैनिक रेवाँचल टाईम्स – पनागर। मानसून की दस्तक से पहले ही पनागर नगर क्षेत्र की व्यवस्थाओं की पोल खुलने लगी है। नगर पालिका द्वारा कराए जा रहे अधूरे नाला-नाली निर्माण कार्य अब आम जनता के लिए बड़ी मुसीबत बनते जा रहे हैं। जगह-जगह खोदी गई नालियां अधूरी छोड़ दी गई हैं, जिनमें गंदा और बदबूदार पानी भरा हुआ है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजों में विकास दिखा रहे हैं, जबकि धरातल पर हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं।
मुख्य मार्गों के किनारे खोदी गई गहरी नालियां बिना सुरक्षा इंतजामों के खुली पड़ी हैं। दुकानों और घरों के सामने बने इन गड्ढों को पार करने के लिए लोग लकड़ी के पतले फट्टों का सहारा लेने को मजबूर हैं। सबसे ज्यादा खतरा छोटे बच्चों और बुजुर्गों पर मंडरा रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
सड़क पर मिट्टी का ढेर, फिसल रहे वाहन नाला निर्माण के दौरान निकाली गई मिट्टी को सड़क किनारे ही छोड़ दिया गया है। हल्की बारिश के बाद यह मिट्टी दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे सड़क संकरी और फिसलन भरी हो गई है। दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसल रहे हैं और राहगीरों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। व्यापारियों का कहना है कि लंबे समय से दुकानों के सामने खुदाई होने से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है और ग्राहक आने से बच रहे हैं।
बीच में खुदाई, अधूरा छोड़ दिया कामस्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में कई जगह बिना योजना के खुदाई शुरू कर दी जाती है, लेकिन काम पूरा नहीं किया जाता। एक स्थान पर अधूरा काम छोड़कर दूसरी जगह खुदाई शुरू कर दी जाती है, जिससे पूरे नगर में अव्यवस्था फैल गई है। लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही का खामियाजा आम जनता भुगत रही है
पहली तेज बारिश में घर-दुकानों में घुस सकता है गंदा पानी
नागरिकों और व्यापारियों ने आशंका जताई है कि यदि जल्द ही नाला-नाली निर्माण कार्य पूरा नहीं कराया गया तो पहली तेज बारिश में गंदा पानी ओवरफ्लो होकर घरों और दुकानों में घुस सकता है। इससे आर्थिक नुकसान के साथ-साथ संक्रामक बीमारियों के फैलने का भी खतरा बढ़ जाएगा।
जनता में आक्रोश, जल्द कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और नगर पालिका से मांग की है कि अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को तत्काल युद्ध स्तर पर पूरा कराया जाए तथा सड़क पर फैली मिट्टी और कीचड़ हटाकर आमजन को राहत दी जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते व्यवस्था नहीं सुधरी तो जनता आंदोलन करने को मजबूर होगी।
