पेयजल के लिए ‘त्राहि-त्राहि’: निवास नगर परिषद की लापरवाही से तीन वार्डों में जल संकट गहराया

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला (निवास)।
जिले की नगर परिषद निवास में पिछले तीन–चार दिनों से भीषण जल संकट ने हालात बिगाड़ दिए हैं। वार्ड क्रमांक 9, 7 और 6 में न तो नलों के माध्यम से पानी की आपूर्ति हो रही है और न ही टैंकरों से कोई व्यवस्था की गई है। नतीजतन, वार्डवासी 2 से 3 किलोमीटर दूर जाकर पानी लाने को मजबूर हैं।


जनता बेहाल, जिम्मेदार बेपरवाह
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस गंभीर समस्या के बावजूद न तो परिषद के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नजर आ रहे हैं और न ही जनप्रतिनिधि। वार्डवासियों की शिकायत है कि उनकी समस्याओं को सुनने के लिए किसी के पास समय नहीं है, जबकि गर्मी लगातार बढ़ रही है और संकट और गहरा सकता है।


पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था भी नदारद
शहर के सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की कोई समुचित व्यवस्था नहीं की गई है। जहां-जहां पानी की मशीनें लगी हैं, वहां भी साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति बेहद खराब है, जिससे लोगों को स्वच्छ पानी तक नहीं मिल पा रहा।


बड़े सवाल खड़े
सरकार की “हर घर जल” जैसी योजनाओं के दावे इस जमीनी हकीकत के सामने खोखले नजर आ रहे हैं। सवाल यह है कि जब बुनियादी सुविधा—पेयजल—ही लोगों तक नहीं पहुंच पा रही, तो नगर परिषद की जिम्मेदारी आखिर क्या है?


जनअपेक्षा / मांगें
प्रभावित वार्डों में तत्काल टैंकरों के माध्यम से पानी की आपूर्ति शुरू की जाए।
नल-जल योजना को तुरंत दुरुस्त कर नियमित सप्लाई बहाल की जाए।
सार्वजनिक स्थानों पर प्याऊ की व्यवस्था और जल मशीनों की साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए।


लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और जिम्मेदारों पर कार्रवाई हो।
वही यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो यह जल संकट जनआक्रोश में बदल सकता है। निवास नगर परिषद को अब जवाबदेही तय करते हुए तुरंत राहत और स्थायी समाधान की दिशा में काम करना होगा।

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