“नेत्रदान महादान, किसी के जीवन में भर सकता है उजाला”
दैनिक रेवांचल टाइम्स | नरसिंहपुर
विश्व नेत्रदान दिवस के अवसर पर 10 जून 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में नेत्रदान जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान रेलवे चिकित्सक डॉ. आर.आर. कुर्रे ने रेलवे कर्मचारियों, अधिकारियों एवं उनके परिजनों को नेत्रदान के महत्व की जानकारी देते हुए नेत्रदान का संकल्प दिलाया।
डॉ. कुर्रे ने कहा कि “जीवन का अमूल्य वरदान है नेत्रदान। आपका एक संकल्प किसी दृष्टिहीन व्यक्ति के जीवन में रोशनी ला सकता है।” उन्होंने बताया कि यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति नेत्रदान के लिए आगे आए तो देश में कोई भी व्यक्ति दृष्टिहीन नहीं रहेगा। मृत्यु के उपरांत भी व्यक्ति अपनी आंखों के माध्यम से किसी अन्य को दुनिया देखने का अवसर दे सकता है।
कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को बताया गया कि नेत्रदान के लिए इच्छुक व्यक्ति अपने निकटतम नेत्र बैंक अथवा अस्पताल में पंजीकरण करा सकते हैं तथा अपने परिवार के सदस्यों को भी अपने इस निर्णय की जानकारी अवश्य दें। मृत्यु के बाद छह घंटे के भीतर नेत्र बैंक को सूचना देना आवश्यक होता है, जिससे कॉर्निया को सुरक्षित रूप से प्रत्यारोपण के लिए उपयोग किया जा सके।
डॉ. कुर्रे ने बताया कि बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक अधिकांश लोग नेत्रदान कर सकते हैं। बच्चों के मामले में अभिभावकों की सहमति आवश्यक होती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नेत्रदान को लेकर समाज में कई भ्रांतियां फैली हुई हैं। आमतौर पर लोगों को लगता है कि पूरी आंख निकाल ली जाती है, जबकि वास्तविकता यह है कि केवल कॉर्निया का उपयोग किया जाता है और इससे शरीर की संरचना पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
उन्होंने बताया कि एड्स, हेपेटाइटिस-बी, कुछ प्रकार के कैंसर से पीड़ित व्यक्ति तथा जिनकी आंखें दुर्घटना या अन्य कारणों से गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हो चुकी हों, वे नेत्रदान के लिए उपयुक्त नहीं माने जाते।
कार्यक्रम के दौरान “एक दान – दो जिंदगी”, “नेत्रदान महादान”, “एक कदम अंधत्व से मुक्ति की ओर” जैसे संदेशों के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया गया। अंत में सभी उपस्थित कर्मचारियों एवं उनके परिजनों ने नेत्रदान का संकल्प लेते हुए समाज में इस पुनीत कार्य के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।
