प्रख्यात कवि लेखक एवं पत्रकार तथा संपादक ठा. भरत सिंह को मिला साहित्य जगत में विशेष स्थान ।

Revanchal
3 Min Read

कई प्रतिष्ठित सम्मानों से हो चुके हैं सम्मानित, विगत कई वर्षों से अपनी रचनाओं एवं कृतियों के माध्यम से कर रहे हैं हिंदी की सेवा।

दैनिक रेवांचल टाईम्स – जित मुम्बई/नाशिक। उत्तर प्रदेश के जौनपुर (रसुलहाँ, रामपुर) में जन्मे और वर्तमान में महाराष्ट्र को अपनी कर्मभूमि बनाने वाले प्रख्यात कवि, लेखक और संपादक ठा. भरत सिंह साहित्य जगत में निरंतर अपनी अनमोल सेवाएं दे रहे हैं। श्रीमती चम्पा देवी एवं श्री सुबेदार सिंह के सुपुत्र ठा. भरत सिंह आज हिंदी साहित्य और पत्रकारिता का एक जाना-माना नाम बन चुके हैं।

उच्च शिक्षा और साहित्यिक योग्यता:
ठा. भरत सिंह ने हिंदी भाषा और पत्रकारिता के क्षेत्र में कई बड़ी डिग्रियां हासिल की हैं। उन्होंने प्रयाग हिंदी विश्वविद्यालय से ‘साहित्य-विशारद’, राष्ट्रभाषा सभा पुणे से ‘पंडित’, मुंबई हिंदी विद्यापीठ से ‘साहित्य-सुधाकर’ और पत्रकारिता महाविद्यालय दिल्ली से ‘पत्रकार’ की परीक्षाएं उत्तीर्ण कर ये उपाधियाँ प्राप्त की है।

अनेक संस्थाओं में निभा रहे हैं महत्वपूर्ण जिम्मेदारी:
वर्तमान में वे प्रसिद्ध हिंदी मासिक पत्रिका “कारवाँ” के संपादक के रूप में काम कर रहे हैं। इसके साथ ही वे समाज और साहित्य की भलाई के लिए कई बड़े पदों पर कार्यरत हैं:

अध्यक्ष: नाशिक हिंदी सभा (नाशिक)
अध्यक्ष: ऑल प्रेस एंड राइट्स एसोसिएशन (महाराष्ट्र प्रदेश)
कार्याध्यक्ष: अखिल भारतीय साहित्य परिषद (महाराष्ट्र प्रदेश)
प्रदेश उपाध्यक्ष उत्तर प्रदेश वेलफेयर महाराष्ट्र प्रदेश
कार्याध्यक्ष: साहित्य सरिता हिंदी मंच (नाशिक)
उपाध्यक्ष: विद्योत्तमा फाउंडेशन (नाशिक)
संचालक: निर्मिति पत संस्था (नाशिक)
संचालक सनवेद हेल्थ केयर LLP
प्रमुख प्रकाशित पुस्तकें:
ठा. भरत सिंह के कलम से निकले शब्द पाठकों के दिलों को छू लेते हैं। उनकी प्रमुख प्रकाशित पुस्तकों में शामिल हैं:

‘भरत काव्य सुधा’,’कविता के गाँव में’,’चम्पा के फूल’,’नाशिक युगों-युगों की साक्षी नगरी’,’सजनी’ (खण्डकाव्य),’नित्य पठनीय श्लोक-काव्यमय भावार्थ सहित’।

राष्ट्रीय स्तर पर मिले सम्मान:
साहित्य के प्रति उनके इसी समर्पण को देखते हुए उन्हें देश की कई बड़ी संस्थाओं ने सम्मानित किया है। उन्हें हिंदी साहित्य सभा आगरा द्वारा ‘साहित्यकार सम्मान’, अखिल भारतीय हिंदी सेवा संस्थान इलाहाबाद द्वारा ‘राष्ट्रभाषा गौरव सम्मान’ और उत्तर भारतीय समाज एजुकेशनल एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट (आगरा) द्वारा ‘साहित्यसेवी सम्मान’ से नवाजा जा चुका है। इसके अलावा सम्मान समिति बैतूल (म.प्र.) द्वारा भी उनका भव्य अभिनंदन किया गया है।उनकी कृति सजनी खंडकाव्य को महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी द्वारा महाराष्ट्र शासन ने उन्हें संत नामदेव काव्य पुरस्कार से सन 2024/25के लिए सम्मानित किया हैlठा.भरत सिंह का जीवन और उनका लेखन आज के युवा लेखकों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।

👁️ 17 views Views
Share This Article
Translate »