गौरा कन्हारी छात्रावास भवन के निर्माण में अवैध बिजली उपयोग का आरोप, खुले तारों से हादसे का खतरा,

Revanchal
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पहले सीधे विद्युत पोल से लिया था कनेक्शन, अब अस्पताल की बिजली का कर रहे उपयोग,

दैनिक रेवांचल टाइम्स,बजाग। ग्राम गौरा कन्हारी में निर्माणाधीन छात्रावास भवन में बिजली के अवैध उपयोग का मामला सामने आया है। आरोप है कि ठेकेदार द्वारा भवन निर्माण के लिए आवश्यक अस्थायी (टीसी) विद्युत कनेक्शन लिए बिना कई महीनों से निर्माण कार्य कराया जा रहा है। जानकारी के अनुसार बीते दिनों भवन निर्माण में लगी सरिया को बिजली से चलने वाली मशीन से काटा गया। वहीं वर्तमान में ठेकेदार के कर्मचारी जिस भवन में रह रहे हैं, वहां अस्पताल की बिजली का उपयोग किए जाने की भी शिकायत सामने आई है। इससे मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी (एमपीईबी) को राजस्व की हानि होने की बात कही जा रही है।


मौके पर निर्माण स्थल के समीप एक विद्युत पोल से तार जाता हुआ दिखाई दे रहा है। वहीं एक भवन की खिड़की से बिजली का तार बाहर निकला हुआ नजर आता है। निर्माण स्थल पर कई स्थानों पर बिजली के तार बेतरतीब ढंग से जमीन पर फैले हुए दिखाई देते हैं। बरसात के मौसम में खुले एवं कटे हुए तारों के बीच इस तरह बिजली का उपयोग किया जाना सुरक्षा की दृष्टि से गंभीर चिंता का विषय है। ऐसे हालात में कभी भी करंट फैलने जैसी दुर्घटना हो सकती है।


जानकारी के अनुसार छात्रावास निर्माण कार्य शुरू हुए लगभग चार माह बीत चुके हैं, लेकिन अब तक निर्माण कार्य के लिए बिजली विभाग से अस्थायी (टीसी) कनेक्शन नहीं लिया गया। बताया जाता है कि कुछ दिन पूर्व बिजली विभाग के कनिष्ठ अभियंता ने स्थल का निरीक्षण कर अवैध कनेक्शन हटवा दिया था, लेकिन इसके बाद किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई या जुर्माना नहीं लगाया गया।
सूत्रों के मुताबिक निर्माण कार्य के दौरान सीधे विद्युत पोल में तार फंसाकर बिजली ली जा रही थी। यदि यह तथ्य सही पाया जाता है, तो संबंधित ठेकेदार के विरुद्ध विद्युत अधिनियम के तहत कार्रवाई एवं जुर्माना लगाया जाना चाहिए। हालांकि अब तक इस संबंध में कोई कार्रवाई सामने नहीं आई है, जिससे विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं।


इस संबंध में समनापुर के कनिष्ठ अभियंता (जेई) से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनका मोबाइल लगातार व्यस्त आने के कारण उनसे बात नहीं हो सकी। सवाल यह है कि यदि पिछले तीन-चार महीनों से बिना वैध टीसी कनेक्शन के निर्माण कार्य में बिजली का उपयोग किया जा रहा था, तो बिजली विभाग ने समय रहते प्रभावी कार्रवाई और जुर्माना क्यों नहीं लगाया? यदि पहले अवैध कनेक्शन काटा गया था, तो उसके बाद भी निर्माण कार्य में बिजली की आपूर्ति किस प्रकार होती रही? यह जांच का विषय है।

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