नशा मुक्ति को लेकर अभियान का आगाज और शराब बंदी को लेकर ग्राम वासियों एवं मातृ शक्तियों ने सौंपा ज्ञापन

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The villagers and women submitted a memorandum regarding the launch of the campaign for de-addiction and prohibition of liquor.

रेवांचल टाईम्स – मंडला आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र मंडला जिले में शराब बंदी को लेकर अब ग्राम वासी एकजुट होकर ज्ञापन और आंदोलन करने लगे हैं शासन के द्वारा आदिवासी समाज के लिए पांच बाटल कच्ची शराब की छूट दी गई है जिससे वो अपने निजी उपयोग के लिए रख सकते हैं लेकिन वहीं पांच बाटल शराब कब पांच से पचास बाटल हो गई और अब इनका व्यवसायीकरण हो गया इसकी जानकारी प्रशासन को है तो लेकिन कहीं न कहीं आबकारी विभाग की सांठ-गांठ से ही ये संभव हो गया है वहीं इसी तर्ज पर अब शराब ठेकेदार और प्रशासन एवं आबकारी विभाग के संरक्षण के चलते आज शराब ठेकेदार गली गली में कुचियों के माध्यम से शराब हर गांव में पहुंचायी जा रही है जबकि लायसेंसी ठेकेदार केवल दुकान पर ही शराब विक्रय कर सकता है लेकिन…
+91 94067 71592: सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की पहल: ‘ईमानदारी’ का पाठ, ‘रंगों’ में साकार ‘सतर्क राष्ट्र’ का सपना

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा समाज में ईमानदारी, पारदर्शिता और जिम्मेदारी की भावना को सशक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे सतर्कता जागरूकता अभियान के तहत छिंदवाड़ा में एक प्रेरणादायक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। क्षेत्रीय कार्यालय छिंदवाड़ा ने शासकीय जनजातीय बालक आश्रम विद्यालय के विद्यार्थियों के बीच शैक्षणिक सामग्री वितरण और ड्राइंग प्रतियोगिता का आयोजन कर भविष्य के नागरिकों को नैतिक मूल्यों से जोड़ा।

​ विद्यार्थियों में दिखा रचनात्मक उत्साह

इस विशेष अवसर पर विद्यार्थियों ने बड़े उत्साह के साथ ड्राइंग प्रतियोगिता में भाग लिया। नन्हे कलाकारों ने अपनी कल्पनाओं को कैनवास पर उतारते हुए “ईमानदारी – एक जीवन शैली”, “सतर्क नागरिक, सशक्त राष्ट्र” और “भ्रष्टाचार मुक्त भारत” जैसे महत्वपूर्ण विषयों को रंगों के माध्यम से जीवंत किया। उनकी रचनात्मकता और विषय की गंभीरता को समझते हुए बनाए गए चित्रों ने उपस्थित बैंक अधिकारियों की खूब सराहना बटोरी।

​क्षेत्रीय प्रमुख ने दिया ‘ईमानदारी’ का मंत्र

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बैंक के क्षेत्रीय प्रमुख कुमार उत्कर्ष ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा:
​“ईमानदारी केवल एक शब्द नहीं, बल्कि एक आदत है जो जीवन को उज्जवल बनाती है। सतर्कता का अर्थ केवल जागरूक रहना नहीं, बल्कि अपने कार्यों में पारदर्शिता और जिम्मेदारी निभाना भी है। यदि हम छोटी उम्र से ही ईमानदारी को जीवन का आधार बना लें, तो भविष्य में न केवल हम स्वयं सफल होंगे, बल्कि समाज और देश के विकास में भी योगदान देंगे।”
​उन्होंने बच्चों को सत्य, मेहनत और नैतिकता के मार्ग पर चलने और देश का जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।

​ ज्ञान की कुंजी शैक्षणिक सामग्री का वितरण

समारोह के अंत में, बैंक अधिकारियों द्वारा सभी विद्यार्थियों को शैक्षणिक सामग्री (Stationery Kits) वितरित की गईं। विद्यालय के शिक्षकों ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के इस प्रयास की सराहना की, जो केवल बैंकिंग तक सीमित न रहकर समाज में सतर्कता एवं नैतिकता का संदेश भी फैला रहा है।
​इस अवसर पर बैंक के सतर्कता अधिकारी शंकराचार्य, सुरक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल ठाकुर और राजभाषा अधिकारी गोलू गौर भी उपस्थित रहे।

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