42 वर्षों तक ज्ञान का दीप जलाने वाले शिक्षक वीर सिंह परते को भावभीनी विदाई

Revanchal
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ईमानदारी, अनुशासन और समर्पण की मिसाल बने शिक्षक का विद्यालय परिवार ने किया सम्मान

शाल, श्रीफल और स्मृति-चिह्न भेंट कर दी शुभकामनाएं, विद्यार्थियों ने कहा— आपका मार्गदर्शन सदैव प्रेरणा देता रहेगा

रेवांचल टाइम्स, मंडला।
एकीकृत माध्यमिक शाला लाटो में 42 वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट एवं समर्पित सेवाएं देने वाले वरिष्ठ शिक्षक वीर सिंह परते के सेवानिवृत्त होने पर विद्यालय परिसर में गरिमामय एवं भावनात्मक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिवार, विद्यार्थियों, अभिभावकों एवं क्षेत्र के गणमान्य नागरिकों ने उनके दीर्घकालीन योगदान को नमन करते हुए स्वस्थ, सुखमय एवं सम्मानपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं।

समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि श्री परते ने अपने पूरे सेवाकाल में शिक्षा को केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं रखा, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, नैतिक मूल्यों और संस्कारों का भी विकास किया। उनका सरल व्यक्तित्व, कर्तव्यनिष्ठा और विद्यार्थियों के प्रति आत्मीय व्यवहार उन्हें एक आदर्श शिक्षक के रूप में स्थापित करता है।

विद्यालय परिवार द्वारा श्री परते का शाल, श्रीफल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया गया। सहकर्मियों ने उनके साथ बिताए वर्षों की यादें साझा करते हुए कहा कि उनका अनुभव, मार्गदर्शन और स्नेह सदैव प्रेरणा देता रहेगा तथा विद्यालय को उनकी कमी हमेशा महसूस होगी।

अपने उद्बोधन में वीर सिंह परते ने विद्यालय परिवार, सहकर्मियों, विद्यार्थियों एवं अभिभावकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि 42 वर्षों की सेवा-यात्रा उनके जीवन की सबसे अमूल्य धरोहर है। उन्होंने विद्यार्थियों से शिक्षा, अनुशासन और संस्कारों को जीवन का आधार बनाने का संदेश दिया।

कार्यक्रम का समापन श्री परते के स्वस्थ, सुखमय एवं दीर्घायु जीवन की मंगलकामनाओं के साथ हुआ। उपस्थित सभी लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि उनका योगदान शिक्षा जगत में सदैव स्मरणीय रहेगा।

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