दैनिक रेवांचल टाईम्स – डिंडौरी: कहते हैं कि “परोपकार ही धर्म है,” और इसी भावना को चरितार्थ करते हुए डिंडौरी जिले में मानवता की एक अनूठी मिसाल सामने आई है। 15-16 जून की दरमियानी रात को जब पूरा शहर गहरी नींद में था, तब सड़क किनारे जिंदगी और मौत से जूझ रही एक बेसहारा महिला को ‘युवा शक्ति’ संस्था के रोहित कांसकार ने नया जीवनदान दिया।
क्या है मामला?
15 जून 2026 की रात लगभग 1:00 बजे, रोहित कांसकार को सूचना मिली कि एक अज्ञात वृद्ध महिला अत्यधिक कमजोरी, भूख और प्यास से तड़प रही है। महिला की दयनीय स्थिति देखकर उनका मन पसीज गया। उन्होंने बिना देरी किए 108 एम्बुलेंस की मदद से महिला को जिला चिकित्सालय, डिंडौरी में भर्ती कराया।
अभी भी पहचान बनी पहेली
अस्पताल में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों ने तत्काल उपचार शुरू कर दिया है। महिला फिलहाल कुछ भी बताने की स्थिति में नहीं है, जिसके कारण अस्पताल रिकॉर्ड में उन्हें ‘मिस्टर अननोन’ के तौर पर दर्ज किया गया है।
कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
संस्था के रोहित कांसकार ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला कलेक्टर को पत्र सौंपा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित विभागों के समन्वय से महिला की पहचान उजागर करने के प्रयास किए जाएं, ताकि उसके उपचार के बाद उसे सुरक्षित पुनर्वास गृह भेजा जा सके। रोहित ने कहा कि “आज वे असहाय हैं, पर समाज का हिस्सा हैं,” और उनकी जिम्मेदारी उठाना हम सभी का नैतिक कर्तव्य है।
आमजन से अपील
महिला के ठीक होने की प्रक्रिया जारी है, लेकिन उसे अपनों का इंतजार है। स्थानीय नागरिकों से अपील है कि यदि वे इस महिला को पहचानते हैं, तो जिला अस्पताल डिंडौरी से संपर्क करें। आप भी इस खबर को साझा करें, ताकि ‘बूंद-बूंद से घड़ा भरता है’ की तर्ज पर आपकी एक छोटी सी कोशिश इस महिला को उसके परिवार तक पहुँचा सके।
