पीने के पानी तक को तरस रहे किसान, जिला प्रशासन को सौंपा ज्ञापन; सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
दैनिक रेवांचल टाइम्स सिवनी– नागपुर रोड स्थित थोक सब्जी मंडी में व्याप्त अव्यवस्थाओं को लेकर दैनिक रेवांचल टाइम्स द्वारा लगातार प्रमुखता से खबरें प्रकाशित किए जाने के बाद अब मामला तूल पकड़ने लगा है। मंडी की बदहाल व्यवस्थाओं को लेकर मध्यप्रदेश किसान कांग्रेस के प्रदेश सचिव एवं किसान नेता हुकुमचंद सनोडिया के नेतृत्व में किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं ने नाराजगी व्यक्त करते हुए जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा है।
खबरों के बाद मौके पर पहुंचे किसान नेता
किसान कांग्रेस के पदाधिकारियों एवं किसानों ने मंडी परिसर का निरीक्षण किया। इस दौरान मंडी में फैली गंदगी, पीने के पानी की समस्या, शौचालयों की बदहाल स्थिति, आवारा पशुओं का जमावड़ा, अव्यवस्थित पार्किंग और रास्तों पर अतिक्रमण जैसी अनेक समस्याएं सामने आईं। निरीक्षण के दौरान मौजूद किसानों और व्यापारियों ने भी अपनी परेशानियां खुलकर बताईं।
पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं
किसानों ने सबसे ज्यादा नाराजगी पीने के पानी की अव्यवस्था को लेकर जताई। उनका कहना है कि जिले की सबसे बड़ी सब्जी मंडी में दूर-दराज से आने वाले किसानों, व्यापारियों और उपभोक्ताओं के लिए तक पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। वहीं शौचालयों में गंदगी और साफ-सफाई के अभाव से भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
मंडी परिसर बना अव्यवस्थाओं का अड्डा
ज्ञापन में बताया गया है कि मंडी परिसर में प्लास्टिक कचरा, सड़ी-गली सब्जियां, आवारा पशु और अव्यवस्थित दुकानें आम बात हो गई हैं। कई दुकानदारों द्वारा आने-जाने के रास्तों तक पर कब्जा कर लिया गया है, जिससे किसानों और खरीदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
प्रशासन को दी आंदोलन की चेतावनी
किसान नेता हुकुमचंद सनोडिया ने कहा कि मंडी की समस्याओं को लेकर पहले भी कई बार ध्यान आकर्षित कराया गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। यदि शीघ्र ही व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो किसान, व्यापारी और उपभोक्ता मिलकर आंदोलन एवं धरना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
रेवांचल टाइम्स लगातार उठा रहा मुद्दा
थोक सब्जी मंडी में व्याप्त समस्याओं को लेकर दैनिक रेवांचल टाइम्स लगातार खबरें प्रकाशित कर जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान आकर्षित करता रहा है। अब किसान कांग्रेस के मैदान में उतरने से मंडी की अव्यवस्थाओं का मुद्दा और गरमा गया है। देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और मंडी प्रबंधन इस दिशा में कितनी गंभीरता दिखाते हैं।
