डिजिटल युग में खतरे भी डिजिटल जबलपुर में साइबर क्राइम का बढ़ता खतरा: न विभाग सतर्क, न जनता जागरूक “हर कॉल, हर लिंक अब बन सकता है जाल!”

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डिजिटल युग में खतरे भी डिजिटल जबलपुर में साइबर क्राइम का बढ़ता खतरा: न विभाग सतर्क, न जनता जागरूक “हर कॉल, हर लिंक अब बन सकता है जाल!”

दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर

जबलपुर जैसे विकसित होते शहर में जहां इंटरनेट का विस्तार तेजी से हुआ है, वहीं साइबर अपराधियों ने भी अपनी पहुंच और तकनीकें बढ़ा दी हैं। हर सप्ताह, हर दिन नए-नए तरीके अपनाकर आम जनता को ठगा जा रहा है, और दुर्भाग्यवश, प्रशासनिक स्तर पर न तो कोई सख्त कार्रवाई हो रही है और न ही जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।

प्रमुख साइबर क्राइम और उनकी कार्यप्रणाली

  1. फिशिंग (Phishing)

क्या होता है? नकली वेबसाइट या लिंक भेजकर पासवर्ड, OTP या बैंक डिटेल चुराना
कैसे होता है?

ईमेल या SMS में लिंक भेजकर..
कॉल करके बैंक अधिकारी बनकर
सोशल मीडिया पर नकली अकाउंट बना..
नुकसान:
बैंक खातों से पैसे उड़ जाते हैं
पहचान की चोरी (Identity theft)

  1. Online ठगी / बैंक फ्रॉड

कैसे होता है?
Google Pay/PhonePe के नाम पर फर्जी लिंक..
नौकरी, लॉटरी या गिफ्ट के नाम पर पैसा मांगना..
OLX या फेसबुक मार्केटप्लेस पर सामान बेचने या खरीदने के बहाने..
नुकसान:
कई मामलों में लाखों रुपए गवां चुके हैं लोग..
पैसा वापस मिलना मुश्किल होता है..

  1. साइबर ब्लैकमेलिंग / Sextortion

क्या है?
वीडियो कॉल या चैटिंग के जरिए अश्लील कंटेंट रिकॉर्ड करके ब्लैकमेल करना..
युवाओं को फंसाकर पैसों की मांग करना..
नुकसान:
मानसिक तनाव, आत्महत्या तक की घटनाएं.
समाजिक प्रतिष्ठा को गहरा नुकसान.

  1. हैकिंग और डेटा चोरी

कैसे होता है?
मोबाइल या लैपटॉप में वायरस डालकर..
किसी ऐप के जरिए डिवाइस का कंट्रोल लेना.
सोशल मीडिया अकाउंट हैक करना..

नुकसान:
व्यक्तिगत जानकारी लीक
फर्जी प्रोफाइल बनाकर अपराध

  1. फोटो मॉर्फिंग और सोशल मीडिया फ्रॉड क्या होता है?

किसी की फोटो एडिट करके अश्लील रूप में वायरल करना..
फेसबुक/इंस्टा प्रोफाइल हैक करके फर्जी पोस्ट डाल..

प्रशासनिक निष्क्रियता: क्यों नहीं दिखती सख्ती?

न साइबर सेल की नियमित जांच..
न साइबर क्राइम से निपटने वाले स्पेशल ऑफिसर..
जागरूकता शिविर नहीं चलाए जाते..
पुलिस में शिकायत के बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होती..

क्या होना चाहिए?

साइबर हेल्पलाइन और एक्शन टीम सक्रिय हो
– 1930 नंबर का प्रचार करें, त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें

स्कूलों और कॉलेजों में जागरूकता अभियान
– बच्चों को बताएं कि क्या करें और क्या न करें

स्थानीय मीडिया को अभियान से जोड़ें
– अखबार, टीवी और सोशल मीडिया से जानकारी फैलाएं

हर थाने में एक साइबर विशेषज्ञ अधिकारी नियुक्त हो
– तुरंत शिकायत दर्ज हो और FIR अनिवार्य की जाए

जबलपुर में साइबर क्राइम के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, लेकिन संबंधित विभागों की चुप्पी और निष्क्रियता ने अपराधियों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। आज आवश्यकता है एक सशक्त जन-जागरूकता अभियान की और प्रशासनिक स्तर पर सख्त कदम उठाने की।

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