मंडला में कानून व्यवस्था हाशिये पर: ‘शराबमय’ हुआ नगर, प्रतिबंध ध्वस्त—गली-गली बिक्री, बड़े हादसे की आहट

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले में कानून व्यवस्था हाशिये पर नजर आ रही है और शराबबंदी के आदेश पूरी तरह बेअसर हो चुके हैं। मंडला नगर से लेकर नैनपुर, बिछिया, निवास और घुघरी तक हालात ऐसे हैं कि गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले में खुलेआम शराब बिक रही है। दिन-रात निर्बाध बिक्री ने पूरे जिले को “शराबमय” बना दिया है और प्रशासनिक नियंत्रण पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जमीनी स्थिति बताती है कि अवैध कारोबार का नेटवर्क गांवों तक फैल चुका है। युवाओं में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, वहीं सड़क दुर्घटनाएं, घरेलू विवाद और अपराधों में लगातार इजाफा हो रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई का अभाव साफ दिखाई देता है, जिससे अवैध कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं।

इसी बीच सूत्रों से मिली जानकारी ने मामले को और विस्फोटक बना दिया है। सूत्रों के अनुसार, जिले में अवैध शराब कारोबार के बदले हर माह करीब 25 लाख रुपये तक की राशि पहुंचने की चर्चा है। साथ ही थाना स्तर पर लगभग 1.50 लाख रुपये मासिक “रेट” तय होने और इसके बदले गली-गली शराब बेचने की कथित छूट मिलने की बातें भी सामने आ रही हैं। हालांकि इन जानकारियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन यदि यह सही है तो यह पूरे सिस्टम पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है।

सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि जिस रफ्तार से शराब की उपलब्धता बढ़ रही है, उससे किसी भी समय बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। नशे में वाहन चलाना, आपसी झगड़े और हिंसक घटनाएं कभी भी भयावह रूप ले सकती हैं। सवाल यह है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी घटना के बाद ही सक्रिय होगा?

स्थानीय लोगों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग तेज कर दी है। लोगों का कहना है कि यदि तुरंत सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन की राह भी अपनाई जा सकती है।
फिलहाल, मंडला में हालात यह संकेत दे रहे हैं कि कानून व्यवस्था कमजोर पड़ रही है और अवैध शराब कारोबार बेलगाम हो चुका है। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर स्थिति पर कब और कैसे प्रभावी कदम उठाता है।

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