छिंदवाड़ा मेडिकल कॉलेज में ‘महामंथन’ सड़क दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर मरीजों को मिलेगा त्वरित कैशलेस इलाज

Revanchal
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​कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में आयुष्मान भारत और पीएम राहत योजना पर विशेष ट्रेनिंग सेशन संपन्न

अस्पतालों को डिस्चार्ज के 7 दिनों के भीतर पोर्टल पर अपलोड करने होंगे दस्तावेज़, लापरवाही पर लगेगी लगाम

सड़क हादसों में जिंदगी बचाने के लिए टीएमएस और ई -डीएआर पोर्टल का हुआ डिजिटल इंटीग्रेशन

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा

जिले के पात्र हितग्राहियों को स्वास्थ्य योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ दिलाने और गंभीर मरीजों सहित सड़क दुर्घटना पीड़ितों को बिना किसी बाधा के तुरंत ‘कैशलेस’ इलाज मुहैया कराने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है। बुधवार को शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय,मेडिकल कॉलेज छिंदवाड़ा के लेक्चर हॉल-4 में कलेक्टर हरेंद्र नारायन की अध्यक्षता में एक हाई-लेवल प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस महामंथन में आयुष्मान भारत और पीएम राहत योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और विभागों के बीच ‘रॉकेट स्पीड’ समन्वय पर विशेष जोर दिया गया।

आयुष्मान भारत ‘नो एरर’ पॉलिसी पर काम करेंगे अस्पताल, 7 दिन में क्लेम अनिवार्य
​प्रशिक्षण के पहले सत्र में आयुष्मान नोडल अधिकारी डॉ. हिमांशु सिंह ने स्पष्ट किया कि अब कागजी खानापूर्ति में देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देश दिए कि,​मरीज के केस शीट, मेडिकल रिकॉर्ड और जांच रिपोर्ट को पूरी तरह त्रुटिरहित एरर फ्री रखा जाए।
​मरीज के डिस्चार्ज होने के 7 दिनों के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों को आयुष्मान पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा, ताकि अस्पतालों के क्लेम का भुगतान समय पर हो सके।
​सभी प्रक्रियाएं स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर के तहत ही संचालित की जाएंगी।

सड़क दुर्घटना पीड़ितों के लिए वरदान बनेगी तकनीक टीएमएस और ई – डर का हुआ संगम
​कार्यक्रम के दूसरे सत्र में डॉ. राहुल सूर्यवंशी और डीएसपी ट्रैफिक ने पीएम राहत योजना के डिजिटल इकोसिस्टम की जानकारी दी। अब सड़क दुर्घटना पीड़ितों को तुरंत इलाज देने के लिए दो बड़े सिस्टम्स को आपस में जोड़ दिया गया है

सिस्टम/पोर्टल मुख्य कार्य
ट्रांजेक्शन मैनेजमेंट सिस्टम मरीजों का पंजीयन, इलाज, क्लेम और अस्पतालों को तुरंत भुगतान।
ई- डर इलेक्ट्रॉनिक डिटेल्ड एक्सीडेंट रिपोर्ट पुलिस द्वारा दुर्घटना की लाइव और सटीक जानकारी दर्ज करना।
बड़ा फायदा इन दोनों पोर्टल्स के एकीकरण से दुर्घटना पीड़ितों का वेरिफिकेशन तुरंत होगा, जिससे बिना किसी देरी के ‘गोल्डन ऑवर’ दुर्घटना के ठीक बाद का कीमती समय में मरीज को कैशलेस इलाज मिल सकेगा।
​टीम भावना से काम कर छिंदवाड़ा को बनाएंगे नंबर-1 कलेक्टर
​कलेक्टर हरेंद्र नारायन ने स्वास्थ्य और पुलिस विभाग की पीठ थपथपाते हुए कहा कि छिंदवाड़ा जिला इन योजनाओं में पहले से ही बेहतरीन प्रदर्शन कर रहा है। उन्होंने विशेष रूप से पुलिस विभाग की राहवीर योजना’ की सराहना की, जिसके माध्यम से राहगीर और पुलिस मिलकर सड़क हादसों में घायल लोगों को समय पर अस्पताल पहुंचाकर उनकी जान बचा रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि सभी विभाग एक टीम की तरह काम करें ताकि कोई भी गरीब इलाज से वंचित न रहे।


इस अवसर पर रहे मौजूद
इस महत्वपूर्ण ट्रेनिंग प्रोग्राम में मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. अभय कुमार, सीएमएचओ डॉ. नरेश गोन्नाडे, सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विपिन जैन, आरएमओ डॉ. हर्षवर्धन कुडापे सहित बड़ी संख्या में डॉक्टर्स, नर्सिंग स्टाफ और आयुष्मान मित्र उपस्थित रहे।

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