महिष्मति नगरी मंडला आखिर कब तक रहेगी शराब माफिया के कब्जे में? प्रतिबंध के बावजूद घर-घर शराब, खाकी और आबकारी पर उठे गंभीर सवाल!”

Revanchal
4 Min Read

दैनिक रेवांचल टाइम्स | मंडला
पवित्र महिष्मति नगरी मंडला, जहां धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत की पहचान है, वहीं आज अवैध शराब कारोबारियों के बढ़ते नेटवर्क ने कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रतिबंधित क्षेत्र होने के बावजूद शहर और उपनगरों में खुलेआम देशी-विदेशी शराब की उपलब्धता यह संकेत दे रही है कि शराब माफिया के हौसले बुलंद हैं और जिम्मेदार विभागों का खौफ लगभग समाप्त होता दिखाई दे रहा है।


आरोप हैं कि मंडला नगर और आसपास के क्षेत्रों में अधिकृत शराब दुकानें न होने के बावजूद एक फोन कॉल पर शराब घर तक पहुंचाई जा रही है। देर रात तक ढाबों, होटलों और कथित बेनामी ठिकानों से शराब की बिक्री की चर्चा आम है। यदि यह सच है तो सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर यह शराब आ कहां से रही है? कौन इसका सप्लायर है? किसके संरक्षण में यह पूरा नेटवर्क फल-फूल रहा है?


जनता पूछ रही है कि जब आबकारी विभाग और पुलिस विभाग दोनों कानून लागू कराने के लिए मौजूद हैं, तब अवैध शराब का यह कारोबार आखिर किसकी शह पर चल रहा है? क्या जिम्मेदार अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है, या फिर सब कुछ जानते हुए भी आंखें मूंद ली गई हैं? यदि शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं तो कार्रवाई केवल कागजों तक ही क्यों सीमित है?


स्थिति यह है कि कई ढाबों में खाना कम और शराब ज्यादा परोसे जाने की चर्चाएं हैं। कथित “होम डिलीवरी” व्यवस्था ने कानून का मजाक बनाकर रख दिया है। खुलेआम शराब की उपलब्धता यह बताने के लिए काफी है कि कहीं न कहीं सिस्टम की निगरानी कमजोर है या फिर कार्रवाई का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है।
इस अवैध कारोबार का सबसे बड़ा दुष्प्रभाव युवाओं और नई पीढ़ी पर पड़ रहा है। नशे की बढ़ती प्रवृत्ति सामाजिक अपराध, पारिवारिक विवाद और सड़क दुर्घटनाओं जैसी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है। ऐसे में यह केवल आबकारी नियमों का उल्लंघन नहीं, बल्कि पूरे समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर जनहित का विषय बन चुका है।


अब सवाल सीधे आबकारी विभाग और पुलिस विभाग से है—
प्रतिबंधित क्षेत्र में शराब की आपूर्ति कौन कर रहा है?
अवैध बिक्री करने वाले बेनामी अड्डों पर कार्रवाई क्यों नहीं हो रही?
ढाबों और होटलों में खुलेआम शराब परोसने वालों पर कब होगी कठोर कार्रवाई?
क्या शराब माफिया कानून से ऊपर हो चुके हैं?
मंडला की जनता अब केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि अवैध शराब के पूरे नेटवर्क की निष्पक्ष जांच, सप्लाई चेन का खुलासा और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई चाहती है। यदि समय रहते इस कारोबार पर प्रभावी अंकुश नहीं लगाया गया, तो यह कानून-व्यवस्था के साथ-साथ समाज के लिए भी गंभीर चुनौती बन सकता है। प्रशासन को चाहिए कि वह जनहित को सर्वोपरि रखते हुए बिना किसी भेदभाव के तथ्यात्मक जांच करे और जहां भी अवैध गतिविधियां प्रमाणित हों, वहां कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।

👁️ 2 views Views
Share This Article
Translate »