रसोईयों को हटाए जाने के आदेश को वापस लिए जाने सौंपा ज्ञापन

Revanchal
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दैनिक रेवांचल टाईम्स – मण्डला। मिड डे मील मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम के रसोइयों को नहीं हटाए जाने के संबंध में रसोईया उत्थान संघ समिति ने मंगलवार को जनसुनवाई में आवेदन के अलावा मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम भी कलेक्टर के द्वारा ज्ञापन सौंपा है। आवेदन और ज्ञापन में जिले सहित संपूर्ण मध्यप्रदेश के रसोईयों को ध्यान में रखकर जारी आदेश को शीघ्र ही वापस लिए जाने की मांग प्रमुखता से की गई है। संगठन के संरक्षक समाजसेवी पी.डी.खैरवार ने बताया है,कि मध्यान्ह भोजन बनाने वाले रसोइयों का शोषण तरह-तरह से सरकार करती आ रही है। देर से मानदेय भुगतान करना, कम मानदेय देना मुफ्त में काम कराना तो आम बात है,अब काम से हटाना भी आम बात बनने लगी है। मार्च से मानदेय दिया नहीं गया है। हर साल जून के काम का मानदेय दिया नहीं जाता। अब तो इनको हटाने के लिए स्कूल प्रबंधन के द्वारा कहा जा रहा है,कि कम छात्र संख्या वाले स्कूलों के रसोईयों को काम से अलग किए जाने से संबंधित आदेश सरकार ने 2020 में जारी किया था। जिसका पालन हमसे अब कराया जा रहा है। निंदा का विषय तो यह कि इस आदेश का अमल छः साल बाद अभी क्यों किया जा रहा है।जो न्यायसंगत भी नहीं है। चूंकि मध्यप्रदेश के लगभग चार लाख की संख्या में रसोईया अत्यंत कम मानदेय पाकर भी भविष्य में नियमित रोजगार मिल जाने की उम्मीद से सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना में लंबे समय से सेवाएं देते आ रहे हैं। जिस मुद्दे को लेकर संघर्ष भी लगातार जारी है।जिसकी ओर सरकार ध्यान देने की बजाए काम से ही बाहर कर दिए जाने की नीति लागू की जा रही है। इस आदेश के सार्वजनिक होने के बाद चार पांच दशकों से काम करते आ रहे रसोईयों के परिवार में भारी चिंता बढ़ गई है और काम से निकाले जाने के डर से अफरातफरी का माहौल बन गया है। वैसे भी महज चार हजार महीने में काम कर रहे जिले के चार हजार रसोईया वर्षों से शोषण के शिकार हैं। अब ऊपर से यह आदेश जानलेवा बन गया है। संगठन की सचिव गंगोत्री विश्वकर्मा ने तर्क दिया है,कि अप्रैल के महीने में बच्चों की संख्या स्कूलों में वैसे ही कम हो जाती है और अप्रैल माह को बच्चों की संख्या कम होने का आधार बनाकर रसोइयों को हटाने के लिए कहा जा रहा है।
वही 30 अप्रैल तक यह कार्यवाही किए जाने का दबाव बनाया जा रहा है। जबकि जुलाई अगस्त के महीनों में छात्रों की संख्या बढ़ जाती है फिर रसोइयों को रखना जरूरी होगा ऐसी स्थिति में निकाले जाने की कार्यवाही करना किसी भी कीमत में सही नहीं है। इस विषय पर गंभीरता पूर्वक कार्यवाही किए जाकर रसोइयों को हटाने के इस आदेश को तत्काल वापस लिए जाने सरकार का ध्यान चाहा गया है। आदेश के वापस नहीं लिए जाने पर व्यापक आंदोलन की चेतावनी भी दी गई है। इस मौके पर जयंती अहिरवार, गंगोत्री विश्वकर्मा,कुंवर सिंह मरकाम, सुरेश बघेल,गायत्री पड़वार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

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