तुलाराम चौक, विजन पैलेस क्षेत्र सहित कई इलाकों में नागरिकों की बढ़ी चिंता
रेवांचल टाइम्स | जबलपुर
मानसून की दस्तक से पहले ही शहर के कई क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की पोल खुलने लगी है। नगर निगम द्वारा सफाई और नाला-नाली सुधार के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। शहर के तुलाराम चौक, विजन पैलेस के सामने स्थित गली, श्रीनाथ की तलैया क्षेत्र तथा अन्य कई मोहल्लों में खुली नालियां, अधूरे निर्माण कार्य और जल निकासी की अव्यवस्थित व्यवस्था लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है।
विजन पैलेस के सामने गली में खुली नालियां बनीं बीमारी का घर
तुलाराम चौक स्थित विजन पैलेस होटल के सामने वाली गली में अधिकांश नालियां खुली हुई हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नालियों से उठने वाली दुर्गंध और मच्छरों की बढ़ती संख्या के कारण क्षेत्र में बीमारियों का खतरा लगातार बढ़ रहा है। बुजुर्गों और बच्चों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रवासियों के अनुसार कुछ दिन पूर्व जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए गड्ढा खोदा गया था, लेकिन कार्य अधूरा छोड़ दिया गया। खुदाई से निकला मलबा आज भी सड़क किनारे पड़ा हुआ है, जिससे आवागमन प्रभावित हो रहा है। नालियों की सफाई तो की गई, लेकिन निकाली गई सिल्ट को समय पर नहीं हटाया गया और वह पुनः नालियों में समा गई। इससे सफाई अभियान का उद्देश्य ही विफल हो गया।
हर वर्ष डूबता है श्रीनाथ की तलैया मार्ग
स्थानीय बुजुर्गों ने बताया कि विजन पैलेस के सामने वाली गली से होते हुए श्रीनाथ की तलैया तक का क्षेत्र बारिश के दौरान जलभराव की गंभीर समस्या से जूझता है। प्रतिवर्ष चार से पांच महीने तक सड़कों पर पानी भरा रहता है, जिससे लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
निवासियों का कहना है कि कई बार शिकायतें करने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। बरसात के दिनों में स्थिति इतनी खराब हो जाती है कि पैदल चलना भी जोखिम भरा हो जाता है। जलभराव के कारण सड़कें तालाब जैसी दिखाई देने लगती हैं।
राइट टाउन और अधारताल क्षेत्र में भी हालात चिंताजनक
शहर के राइट टाउन, अधारताल, गढ़ा और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी जल निकासी व्यवस्था को लेकर नागरिकों ने चिंता व्यक्त की है। कई स्थानों पर नालियों पर ढक्कन नहीं हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। वहीं कई जगह नालों की सफाई अधूरी होने के कारण बरसात के समय पानी सड़कों पर फैल जाता है।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि हर वर्ष मानसून से पहले सफाई अभियान चलाने की घोषणा तो होती है, लेकिन अधिकांश कार्य कागजों तक सीमित रह जाते हैं। परिणामस्वरूप पहली तेज बारिश में ही शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन जाती है।
बीमारियों का बढ़ रहा खतरा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार खुले नालों और गंदे पानी के जमाव से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया तथा अन्य संक्रामक बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ जाती है। यदि समय रहते नालियों को ढंकने, सिल्ट हटाने और जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने के ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नागरिकों ने की स्थायी समाधान की मांग
क्षेत्रवासियों ने नगर निगम प्रशासन से मांग की है कि बारिश शुरू होने से पहले सभी नालियों की प्रभावी सफाई कराई जाए, खुदाई से निकला मलबा तत्काल हटाया जाए तथा जलभराव वाले क्षेत्रों के लिए स्थायी जल निकासी योजना बनाई जाए। लोगों का कहना है कि अस्थायी उपायों के बजाय दीर्घकालिक समाधान ही इस समस्या से राहत दिला सकता है।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मानसून से पहले प्रशासन इन समस्याओं पर कितना गंभीरता से ध्यान देता है या फिर हर वर्ष की तरह नागरिकों को जलभराव और अव्यवस्था का सामना करना पड़ेगा।
