बदहाली के बाद मंडराने लगा दहशत का साया, नगर निगम व पुलिस की चुप्पी सवालों के घेरे में
दैनिक रेवांचल टाइम्स जबलपुर स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत विकसित किए गए रानीताल तालाब की बदहाली उजागर होने के बाद अब इससे भी अधिक गंभीर तस्वीर सामने आ रही है। यह स्थल न केवल गंदगी, अराजकता और नशाखोरी का अड्डा बना हुआ है, बल्कि अब लगातार बढ़ते अपराधों की वजह से आम नागरिकों के लिए दहशत और असुरक्षा का पर्याय बनता जा रहा है।
स्थानीय रहवासियों के अनुसार पिछले कुछ महीनों से रानीताल तालाब परिसर में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां तेजी से बढ़ीं हैं। नशे की हालत में मारपीट, अभद्र भाषा, महिलाओं से अभद्र व्यवहार, राहगीरों से छीना-झपटी जैसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। शाम ढलते ही परिसर पर अपराधियों का कब्जा सा नजर आता है, जिसके बाद परिवार, महिलाएं और बुजुर्ग इस ओर जाने से कतराने लगे हैं। आम नागरिकों के लिए विकसित किए गए रानीताल में अपराधी डुबकी लगा रहे हैं।
बुजुर्ग की आत्महत्या की खबर से फैली सनसनी
स्थिति की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि हाल ही में रानीताल तालाब परिसर के एक पेड़ पर टैंकर बांधकर एक बुजुर्ग द्वारा फांसी लगाने की सूचना सामने आई है। हालांकि इस मामले में प्रशासन की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट पुष्टि या विस्तृत बयान सामने नहीं आया है, लेकिन इस घटना ने पूरे इलाके को झकझोर दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि परिसर में पर्याप्त सुरक्षा, गश्त और निगरानी होती, तो ऐसी दर्दनाक घटना संभवत: रोकी जा सकती थी।
लगातार सामने आ रही घटनाओं के बावजूद नगर निगम और पुलिस प्रशासन की चुप्पी आम जनता के लिए चिंता का बड़ा कारण बन चुकी है। न तो रानीताल तालाब परिसर में कोई स्थायी पुलिस चौकी स्थापित की गई है, न रात्रिकालीन गश्त प्रभावी रूप से बढ़ाई गई है और न ही नशाखोरी व असामाजिक गतिविधियों पर ठोस कार्रवाई दिखाई दे रही है। तालाब क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरे या तो बंद पड़े हैं या केवल दिखावे तक सीमित हैं। सुरक्षा गार्ड भी अक्सर नदारद मिलते हैं, जिससे अपराधियों के हौसले और बुलंद हो गए हैं।
नागरिकों में डर और आक्रोश
इलाके के रहवासियों का कहना है—
महिलाएं और बच्चियां अकेले रानीताल तालाब के आसपास जाने से डरने लगी हैं।
बुजुर्गों व बच्चों की सुरक्षा खतरे में पड़ चुकी है।
नशेड़ी और असामाजिक तत्व खुलेआम उत्पात मचाते हैं, लेकिन उन पर सख्त कार्रवाई नहीं होती।
नागरिकों का सीधा सवाल है—
जब करोड़ों रुपये सुरक्षा व रख-रखाव पर खर्च किए गए हैं, तो फिर रानीताल तालाब अपराधियों के लिए सुरक्षित ठिकाना क्यों बन गया है?
मनोरंजन स्थल से अपराध केंद्र तक
कभी शहर की पहचान रहा रानीताल तालाब आज तेजी से अपराध का केंद्र बनता जा रहा है। यदि समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो यह जगह आम नागरिकों के लिए पूरी तरह निषिद्ध क्षेत्र बन सकती है और अपराधियों का गढ़ कहलाएगी।
जनता की मांग
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि24 घंटे पुलिस गश्त व स्थायी चौकी की स्थापना, बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों को तत्काल चालू करना,नशाखोरी व असामाजिक तत्वों पर विशेष अभियान चलाना,पर्याप्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती,नियमित सफाई और बेहतर प्रकाश व्यवस्था
प्रशासन से सीधे सवाल
रानीताल तालाब अब केवल सौंदर्यीकरण की असफलता नहीं, बल्कि एक गंभीर कानून-व्यवस्था का मुद्दा बन चुका है। शहर पूछ रहा है क्या स्मार्ट सिटी सिर्फ पोस्टर और प्रचार तक सीमित है, या ज़मीन पर वास्तव में सुरक्षित शहर का सपना साकार होगा?अब देखना है कि नगर निगम और पुलिस प्रशासन जनता की इस आवाज़ को सुनकर ठोस कदम उठाते हैं या फिर रानीताल तालाब को अपराधियों के हवाले कर खामोश तमाशबीन बने रहते हैं।