रेवांचल टाइम्स मोहगांव, मंडला डिजिटल युग में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति विद्यार्थियों और युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से मध्य प्रदेश जन अभियान परिषद विकासखंड मोहगांव द्वारा उत्कृष्ट विद्यालय मोहगांव में साइबर सुरक्षा जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, उनसे होने वाले नुकसान तथा बचाव के उपायों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।यह कार्यक्रम बीएसडब्ल्यू एवं एमएसडब्ल्यू द्वितीय वर्ष के छात्र-छात्राओं की परीक्षा समाप्त होने के पश्चात दोपहर 2 बजे आयोजित किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यालय के विद्यार्थी एवं सीएमसीएलडीपी (CMCLDP) के छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने के लिए आवश्यक जानकारी और जागरूकता प्रदान करना था।
कार्यक्रम में विकासखंड मोहगांव के थाना प्रभारी वेदराम हनोते एवं पुलिस सुरक्षा बल के स्टाफ ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया हैकिंग, बैंकिंग फ्रॉड, ओटीपी धोखाधड़ी, फिशिंग और डिजिटल पहचान की चोरी जैसी घटनाएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति को सतर्क और जागरूक रहना अत्यंत आवश्यक है।
थाना प्रभारी ने विद्यार्थियों को समझाया कि अनजान मोबाइल नंबरों से आने वाली कॉल, संदिग्ध वेबसाइटों और सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक ऑफरों के झांसे में नहीं आना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में अपना ओटीपी, बैंक खाता संबंधी जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर या पासवर्ड किसी के साथ साझा नहीं करना चाहिए। साथ ही मजबूत पासवर्ड का उपयोग करने, समय-समय पर उसे बदलने तथा दो-स्तरीय सुरक्षा प्रणाली (टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन) अपनाने की सलाह दी।कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को यह भी बताया गया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर अपराध की घटना घटित होती है तो वह तत्काल साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क कर सकता है अथवा राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि समय पर शिकायत दर्ज कराने से ठगी की राशि को वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ जाती है।विद्यालय के प्राचार्य दीपक कछवाहा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज शिक्षा और तकनीक एक-दूसरे के पूरक बन चुके हैं। ऐसे में तकनीक का सुरक्षित उपयोग करना भी उतना ही आवश्यक है जितना उसका ज्ञान प्राप्त करना। उन्होंने विद्यार्थियों से सोशल मीडिया और इंटरनेट का उपयोग जिम्मेदारी एवं सावधानी के साथ करने की अपील की।कार्यक्रम में नारायण भवेदी, अनिल दुबे, कछवाहा मैडम, चंद्रपाल एवं जितेन्द्र झारिया सहित विद्यालय परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। वहीं जन अभियान परिषद से जुड़े समस्त मेंटर्स संजीत कुलेश, मीना, अशोक, महेन्द्र बंसल तथा संतोष यादव ने भी कार्यक्रम में सहभागिता कर विद्यार्थियों को जागरूकता अभियान से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस अवसर पर जन अभियान परिषद के पूर्व विकासखंड समन्वयक नेमलाल धुर्वे एवं वर्तमान विकासखंड समन्वयक सुशीला ठाकुर की गरिमामय उपस्थिति रही। उन्होंने कहा कि साइबर सुरक्षा केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक जागरूकता का भी महत्वपूर्ण हिस्सा है। समाज का प्रत्येक वर्ग यदि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक होगा, तभी डिजिटल भारत का सपना सुरक्षित और सफल हो सकेगा।कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों ने साइबर सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करने तथा अपने परिवार और समाज के अन्य लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया। जागरूकता, संवाद और सहभागिता से परिपूर्ण यह कार्यक्रम विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक एवं उपयोगी सिद्ध हुआ।
