दैनिक रेवांचल टाईम्स -करंजिया (डिंडोरी) वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पांच दिन पहले जिस मासूम के सकुशल लौटने की दुआएं पूरा गांव मांग रहा था, सोमवार को उसी पांच वर्षीय इमरान खान का क्षत-विक्षत शव करंजिया के जंगल में मिला। इस भयावह घटना ने न केवल डिंडोरी जिले बल्कि पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। सवाल सिर्फ एक बच्चे की मौत का नहीं, बल्कि उस सच का है जिसका जवाब हर कोई जानना चाहता है।
17 जून की अलसुबह पिता के पीछे-पीछे घर से निकला मासूम इमरान फिर कभी वापस नहीं लौटा। परिजन, ग्रामीण और पुलिस पांच दिनों तक जंगल का चप्पा-चप्पा छानते रहे। लेकिन उम्मीद उस समय टूट गई जब जंगल के भीतर बच्चे का शव बुरी हालत में मिला।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह किसी जंगली जानवर का हमला था, या फिर इस मासूम की मौत के पीछे कोई और रहस्य छिपा है? जब तक वैज्ञानिक जांच पूरी नहीं होती, किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मौके पर ही आवश्यक कानूनी कार्रवाई कर पोस्टमार्टम कराया है। फोरेंसिक जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा।
इस दर्दनाक घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि जंगलों के आसपास ऐसे खतरे मौजूद हैं तो उनकी रोकथाम के लिए क्या इंतजाम हैं? यदि मामला किसी आपराधिक घटना से जुड़ा निकलता है, तो दोषियों तक पुलिस कितनी जल्दी पहुंच पाएगी? इन सवालों के जवाब का इंतजार पूरा क्षेत्र कर रहा है।
फिलहाल तरेरा गांव में मातम पसरा है। मासूम इमरान की दर्दनाक मौत ने हर आंख नम कर दी है और हर जुबान पर एक ही सवाल है—आखिर उस मासूम का कसूर क्या था और उसे न्याय कब मिलेगा?
