दैनिक रेवांचल टाइम्स ! आज दिनांक 25 मार्च 2026 को पूरे देश में चैत्र नवरात्रि का सातवां दिन (सप्तमी) श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस दिन मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कालरात्रि का स्वरूप अत्यंत उग्र और शक्तिशाली माना जाता है। उनका रंग काला, केश खुले और स्वरूप भयावह होता है, लेकिन वे अपने भक्तों के लिए अत्यंत शुभ फल देने वाली और रक्षक मानी जाती हैं। इसी कारण उन्हें “शुभंकरी” भी कहा जाता है।
मां कालरात्रि की पूजा करने से भक्तों के जीवन से भय, नकारात्मक शक्तियां और बाधाएं दूर होती हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से की गई आराधना से साधक को साहस, शक्ति और सफलता प्राप्त होती है।
इस अवसर पर मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ देखने को मिल रही है। श्रद्धालु विधि-विधान से मां को पुष्प, धूप, दीप और भोग अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना कर रहे हैं। कई स्थानों पर विशेष पूजा, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जा रहा है।
नवरात्रि के इन नौ दिनों में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है, जो जीवन में शक्ति, भक्ति और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।
👉 विशेष मान्यता:
सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की उपासना करने से सभी प्रकार के भय का नाश होता है और जीवन में शुभता का आगमन होता है।
