नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर को लेकर देश की सर्वोच्छ सदन राज्यसभा में उठ शक्ति है आवाज़, राज्यसभा सांसद माया नारोलिया जी से रेल रेल कार्यकर्ता की चर्चा हुई”

Revanchal
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दैनिक रेवाँचल टाईम्स – मंडला। स्वतंत्र रेल कार्यकर्ता नितिन सोलंकी ने मध्य प्रदेश की राज्यसभा सांसद Maya Naroliya से दूरभाष पर महत्वपूर्ण चर्चा की। इस दौरान पेंड्रा रोड–अमरकंटक–डिंडोरी–मंडला–घंसौर–लखनादौन–गोटेगांव (श्रीधाम) तक प्रस्तावित रेल लाइन को “नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर” के रूप में विकसित करने का सुझाव रखा गया।

चर्चा के दौरान इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना को राज्यसभा में उठाए जाने एवं इसे प्राथमिकता दिलाने को लेकर सांसद महोदया ने सकारात्मक रुख व्यक्त करते हुए आश्वासन दिया कि वे इस विषय को गंभीरता से आगे बढ़ाएंगी।

रेल कार्यकर्ता द्वारा बताया गया कि इस परियोजना का सर्वे (RECT) वर्ष 2012-13 में स्वीकृत हुआ था तथा 28 जुलाई 2015 को इसकी अंतिम रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को प्रस्तुत की जा चुकी है। लगभग 406 किलोमीटर लंबी इस परियोजना की अनुमानित लागत ₹4395.85 करोड़ आंकी गई है, जिसमें रिटर्न रेट (ROR) भी सकारात्मक है।

यह रेल कॉरिडोर बनाएं जाने से होगे लोगों के फायदे

धार्मिक एवं पर्यटन विकास को बढ़ावा:
यह कॉरिडोर मध्यभारत के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थलों को एक सूत्र में जोड़ता है:

अमरकंटक (माँ नर्मदा का उद्गम स्थल)
झोतेश्वर धाम (परमहंसी गंगा आश्रम – द्वारका शारदा मठ)

पचमढ़ी (सतपुड़ा की रानी)
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान , गोंड और लोधी राजाओ के 52 गढ़ की रियासत इतिहास (मंडला)

अचानकमार टाइगर रिजर्व (पेंड्रा क्षेत्र)
जीवाश्म (Fossils) यहाँ के घुघुआ फॉसिल पार्क में लाखों साल पुराने पौधों के जीवाश्म मिलते हैं।(डिंडोरी क्षेत्र)

घंसौर – औद्योगिकीकरण (पावर प्लांट) का मेल। यह परियोजना “नर्मदा विंध्य रेल कॉरिडोर पर्यटन सर्किट” को साकार करने में मील का पत्थर सिद्ध होगी।

राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से सीधा जुड़ाव:
यह कॉरिडोर गोटेगांव (श्रीधाम) को पेंड्रा रोड से जोड़ते हुए बिलासपुर–हावड़ा मुख्य रेल कॉरिडोर से कनेक्ट करेगा। परिणामस्वरूप, क्षेत्र की दिल्ली, कोलकाता एवं उत्तर भारत से सीधी कनेक्टिविटी सुदृढ़ होगी।

व्यापार एवं आर्थिक विकास:
नरसिंहपुर (गाडरवारा) का गन्ना एवं तुअर दाल उत्पादन क्षेत्र इस रेल लाइन से सीधे
मंडला, डिंडोरी एवं छत्तीसगढ़ के बाजारों से जुड़ेगा। कृषि, लघु उद्योग एवं लॉजिस्टिक्स सेक्टर को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

सामाजिक एवं क्षेत्रीय समावेशन:-
यह कॉरिडोर मंडला एवं डिंडोरी जैसे आदिवासी एवं पिछड़े जिलों को मुख्यधारा से जोड़ेगा।
महाकौशल क्षेत्र के संतुलित विकास के लिए यह परियोजना अत्यंत आवश्यक है।

रोजगार सृजन:
निर्माण एवं संचालन के दौरान हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार मिलेगा।

माल ढुलाई :- की लागत कम होकर आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

आदिवासी आंचल का विकास :- आदिवासी अंचलों (मंडला–डिंडोरी) को मुख्यधारा से जोड़कर उनके सामाजिक, आर्थिक और आधारभूत विकास को नई गति मिलेगी।
पर्यटन , रोजगार, शिक्षा , परिवहन एवं सेवा क्षेत्रों में दीर्घकालिक अवसर उत्पन्न होंगे।

वही लोगों का विशेष आग्रह है कि

इस परियोजना का RECT सर्वे पूर्ण होकर रेलवे बोर्ड के पास उपलब्ध है, अब निम्नलिखित मांग की जाना अत्यंत आवश्यक है:

“नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर” के लिए Final Location Survey (FLS) की तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाए, ताकि इस परियोजना को शीघ्र निर्माण चरण में “नर्मदा–विंध्य रेल कॉरिडोर” के लिए Final Location Survey (FLS) की तत्काल स्वीकृति प्रदान की जाए।
मेरा आपसे विशेष निवेदन है कि आप व्यक्तिगत रूप से हस्तक्षेप कर इस अति-महत्वपूर्ण परियोजना हेतु राज्य सरकार और केंद्र सरकार से औपचारिक मंज़ूरी दिलाने की कृपा करें, ताकि महाकौशल के करोड़ों लोगों का यह सपना शीघ्र ही धरातल पर उतर सके। लाया जा सके।

महत्वपूर्ण बात:
चर्चा के दौरान सांसद महोदया ने परियोजना की विस्तृत जानकारी व्हाट्सएप के माध्यम से साझा करने का आग्रह किया, जिस पर नितिन सोलंकी द्वारा प्रस्ताव भेज दिया गया है l

अंत मे नितिन सोलंकी Rail Activist ने बताया कि ने बताया कि इस रेल कॉरिडोर के निर्माण से मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बीच इन क्षेत्र में पर्यटन, व्यापार, रोजगार और सामाजिक विकास को नई दिशा मिलेगी.

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