अवैध कालोनियों में तहसीलदार ने नोटिस बांटकर भूले कार्यवाही करना
दैनिक रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले के जनपद नैनपुर में प्रदेश में बीजेपी की सरकार है और सरकार और उसके मुलाजिम आज के समय में अधिकारी आप ने आपको सरकार और नेता समझने लगे है। वर्तमान में समय अधिकारियों के मन में जो भी आता है। वही करते हैं। नैनपुर का पटवारियों का स्थानांतरण किया था। मगर ऐसा क्या हुआ कि एसडीएम नैनपुर ने अचानक पटवारियों को पास के हल्के में पदस्थ कर दिया वही एसडीएम साहब की कार्यप्रणाली में सवाल खड़े हो रहे है। मगर कार्यवाही करने बजाय तो मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है।


अधिकारियों ने नोटिस बांट कर ली वसूली और कार्यवाही करना भूल गए
देखा जाए तो नैनपुर नगर में अवैध कॉलोनाइजर की शिकायतों के चलते तमाम शिकायत जिला कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री तक पहुंच रही है। मगर नैनपुर एसडीएम इन समस्याओं को हल करने के बजाय नाम कमाने में लगे हुए हैं। और वही नैनपुर अवैध कालोनियों का जाल बिछा है। और एक बड़ी समस्या भी बन चुकी है। कहा जाए तो अवैध कालोनी नैनपुर राजस्व विभाग के लिये एक चुनौती बन चुकी है। वही नैनपुर एसडीएम और उसके निचले स्तर के अधिकारी कार्यवाही करने बजाय धन उगाही में लगे है।
और अवैध कालोनाइजर को फर्जी नोटिस बांट कर सिर्फ अवैध कालोनाइजर से धन उगाही का जरिए बन चुका है। मगर अवैध कालोनियों पर क्या कार्यवाही हुई उसका कोई परिणाम आज तक नहीं निकल रहा है। बस अधिकारी अवैध कालोनी के नाम पर सिर्फ उगाही कर रहे है।
नैनपुर एसडीएम पटवारियों का स्थानांतरण मगर अचानक पदस्थ कर दिया क्यों
नैनपुर एसडीएम की कार्यप्रणाली लगातार दिन-ब-दिन सवालों के घेरे में आते जा रही है। क्योंकि उनकी कर प्रणाली से नैनपुर नगर हैरान परेशान और है जैसे कि वह कब क्या करेंगे किसी को पता नहीं चलता मगर उन्होंने कर्म में या कहो अजूबा कर दिया है कुछ समय पहले उन्होंने पटवारी का स्थानांतरण कर दिया था मगर अचानक 5 दिन बाद पांच पटवारी को हल्का बदलकर फिर स्थापना कर दी क्यों वही राजस्व विभाग से तहसील कार्यालय और जिले तक शिकायतों का दौरा और अंदरूनी चर्चा चल रही है जिसके चलते जिन पटवारी का स्थानांतरण पुनर्स्थापना किया गया है । मगर अन्य पटवारी जिनका नहीं हुआ है। और वह लगातार सभा मौन भाषा में सवाल खड़े कर रहे हैं।
