शादी के मंडप में दुल्हन के पैर पूजकर सौंपी गृहस्थी की सामग्री, विदाई की घड़ी में छलक आए आँसू
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा
मेरी दो बेटियां हैं, बेटा कोई नहीं। मजदूरी करके उन्हें पाला-पोषा और पढ़ाया। आज छोटी बेटी की शादी है… अगर आपकी समिति से कुछ मदद मिल जाए, तो मेरी बेटी की गृहस्थी बस जाएगी।
यह रुंधे गले और उम्मीदों से भरी आवाज अमरवाड़ा के वार्ड नंबर 4 निवासी विधवा कुसमा बाई (पति स्वर्गीय राधेलाल उइके) की थी। जब उन्होंने अपनी यह लाचारी ‘नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति’ के कार्यकारी संरक्षक सुमेर चंद साहू के सामने रखी, तो मानवता की सेवा में तत्पर समिति ने देर नहीं की।
फोन पर ही सदस्यों के बीच मंथन हुआ और एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया गया जिसने न सिर्फ एक बेबस माँ के आँसू पोंछ दिए, बल्कि समाज के सामने ‘कन्यादान’ की एक अद्भुत मिसाल पेश की।
मंडप में पूजे पैर, ‘धर्म पिता’ बन निभाई रस्म
शादी के मंडप में जब दुल्हन बनी बिटिया प्रीति बैठी थी, तभी समिति के सदस्य वहां सौगात लेकर पहुंचे। समिति के सदस्यों ने बिटिया प्रीति को ससम्मान आसन पर बैठाकर बकायदा उसके पैर पूजे। इसके बाद गृहस्थी की संपूर्ण आवश्यक सामग्री के साथ ₹2100 नगद भेंट कर उसे अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद दिया। इस भावुक कर देने वाले क्षण के बीच समिति ने रोती हुई माँ और बेटी को ढांढस बंधाते हुए कहा घबराओ मत, हर सुख-दुख में यह समिति धर्म पिता के रूप में हमेशा आपके साथ खड़ी है।
इनकी रही गरिमामयी उपस्थिति
इस पुनीत और भावुक अवसर पर क्षेत्र के कई गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। जिनमें मुख्य रूप से
समिति पदाधिकारी कार्यवाहक संरक्षक सुमेर चंद साहू, संयोजक राधेश्याम सोनी, कोषाध्यक्ष गणेश साहू, सह संरक्षक धनराज सिंह चंदेल, सचिव कमलेश साहू, सह सचिव संजय साहू, लेखापाल मुकेश नेमा, संजय डेहरिया।
जनप्रतिनिधि व प्रबुद्ध वर्ग जनपद सदस्य मंतलाल परतेती, वार्ड नंबर 4 के पार्षद राजकुमार बरकड़े, सुखदयाल साहू, प्राचार्य मनोज काकोड़िया।
महिला विंग, श्रीमती आशा मर्सकोले, श्रीमती माया डेहरिया और श्रीमती मंजूलता सोनी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
10 वर्षों का संकल्प
250 बेटियों की बसा चुके हैं गृहस्थी
नटनी माई क्षेत्रीय सेवा समिति का यह परोपकारी अभियान नया नहीं है। समिति पिछले 10 वर्षों से प्रति वर्ष 25 निर्धन व जरूरतमंद बेटियों को गृहस्थी की सामग्री भेंट करने का संकल्प निभाती आ रही है। इस संकल्प के तहत समिति अब तक 250 बेटियों को ₹30-30 हजार मूल्य की गृहस्थी सामग्री ससम्मान भेंट कर चुकी है।
अनाथ और बेसहारा परिवारों का संबल बनी समिति
बेटियों के विवाह के अलावा भी समिति द्वारा समाज सेवा के कई अनुकरणीय कार्य निरंतर जारी हैं:
मासिक पेंशन सहायता विगत 3 वर्षों से कुदवारी निवासी विधवा महिला वेदकुमारी वर्मा और वार्ड नंबर 7 अमरवाड़ा निवासी सावित्री साहू को ₹600-600 मासिक आर्थिक सहायता दी जा रही है।
अनाथ बच्चों को सहारा पौनार की 6 अनाथ बेटियों को समिति द्वारा हर महीने ₹2000 की मासिक सहायता राशि सीधे पहुंचाई जा रही है।
शिक्षा का जिम्मा,समाज में कोई बेटी शिक्षा से वंचित न रहे, इसलिए समिति वर्तमान में 22 अनाथ व पितृहीन बेटियों की स्कूल फीस का पूरा खर्च खुद उठा रही है।
