हर बार मौसम और तकनीकी खराबी का बहाना, लेकिन नहीं सुधर रही व्यवस्था — “बिल पूरा लेते हैं, सुविधा आधी भी नहीं देते”
दैनिक रेवाँचल टाइम्स — भीषण गर्मी के इस दौर में एक बार फिर चरमराई बिजली व्यवस्था ने आमजन का जीना मुश्किल कर दिया है। लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती और घंटों तक बिजली सप्लाई बाधित रहने से लोगों में विद्युत विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक उपभोक्ता परेशान हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी समस्या का स्थायी समाधान निकालने के बजाय हर बार पुराने बहानों का सहारा लेते नजर आ रहे हैं।
दिन में किसी तरह लोग गर्मी झेल लेते हैं, लेकिन रात होते ही बिजली का आंख-मिचौली खेल शुरू हो जाता है। हालत यह है कि कई इलाकों में घंटों तक अंधेरा पसरा रहता है। सबसे ज्यादा परेशानी बुजुर्गों, बच्चों और मरीजों को उठानी पड़ रही है।
“फोन तक नहीं उठाते जिम्मेदार”
स्थानीय लोगों का आरोप है कि बिजली गुल होने के बाद विभागीय अधिकारियों से संपर्क करना भी मुश्किल हो जाता है। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब जानकारी लेने के लिए कॉल किया जाता है, तो अधिकारी फोन तक रिसीव नहीं करते। यदि जवाब मिलता भी है, तो वही रटा-रटाया बयान — “गर्मी ज्यादा है”, “मौसम खराब है” या “तकनीकी खराबी आ गई है।”
जानकारी के अनुसार मुख्य व सब-स्टेशन से जम्पर आउट होने तथा ए.बी. स्विच से जम्पर उड़ जाने के कारण क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति अचानक ठप हो गई। तकनीकी खराबी के चलते घंटों तक पूरा इलाका अंधेरे में डूबा रहा। बिजली बंद होने से घरों में पेयजल संकट गहराया, दुकानों का कामकाज प्रभावित हुआ और छोटे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा।
“नगरीय क्षेत्र भी नहीं संभाल पा रहा विभाग”
क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब विभाग कुछ किलोमीटर के नगरीय क्षेत्र की बिजली व्यवस्था तक नहीं संभाल पा रहा, तो ग्रामीण इलाकों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। बिजली कटौती होते ही कभी जम्पर उड़ने, कभी पोल खराबी, तो कभी हवा-तूफान और पेड़ों की टहनियों का हवाला देकर जिम्मेदारी से बचने की कोशिश की जाती है।
लोगों का आरोप है कि यदि समय पर मेंटेनेंस और उपकरणों का रखरखाव किया जाए, तो बार-बार ऐसी स्थितियां पैदा ही न हों। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी हकीकत बदहाल नजर आ रही है।
“बिल पूरा, सुविधा अधूरी”
नागरिकों ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि विभाग उपभोक्ताओं से समय पर पूरा बिजली बिल वसूलता है, लेकिन बदले में भरोसेमंद सेवा देने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रहा है। गर्मी के मौसम में घंटों बिजली गुल रहने से लोगों का दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
क्षेत्रवासियों ने प्रशासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि अघोषित कटौती पर तत्काल रोक लगाई जाए तथा तकनीकी खामियों को स्थायी रूप से दूर किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सुधार नहीं हुआ, तो जनता सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी
