दूरस्थ बैगांचल के आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों के पोषण पर संकट, भोजन-नाश्ता बंद होने पर समय से पहले कर दी छुट्टी,

Revanchal
3 Min Read

करंजिया विकासखंड के तिरछुला आंगनवाड़ी केंद्र में साढ़े 12 बजे तक नहीं मिला एक भी बच्चा, केंद्र में केवल कार्यकर्ता मौजूद मिली

दैनिक रेवांचल टाइम्स।

बजाग :जिले के दूरस्थ बैगांचल में संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों की व्यवस्था सवालों के घेरे में है। शासन द्वारा कुपोषण दूर करने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल अलग नजर आ रही है। कई आंगनवाड़ी केंद्रों में बच्चों को नियमित रूप से न तो नाश्ता मिल रहा है और न ही गर्म भोजन। इसका खामियाजा मासूम बच्चों को भुगतना पड़ रहा है।
ऐसा ही मामला करंजिया विकासखंड के ग्राम पंचायत पड़रीपानी अंतर्गत एमपी-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे अंतिम छोर में बसे गांव तिरछुला के आंगनवाड़ी केंद्र में मंगलवार को सामने आया। दोपहर करीब 12:30 बजे केंद्र में एक भी बच्चा मौजूद नहीं मिला। केवल आंगनवाड़ी कार्यकर्ता केंद्र में मौजूद थीं।
जानकारी प्राप्त लेने पर कार्यकर्ता ने बताया कि बीते कई दिनों से बच्चों को भोजन और नाश्ता उपलब्ध नहीं हो पा रहा है, जिसके कारण बच्चे जल्दी घर चले जाते हैं। भोजन नहीं मिलने से केंद्र में बच्चों की उपस्थिति भी लगातार प्रभावित हो रही है।
केंद्र भवन तो खुला मिला तथा दीवारों पर विभागीय सूचना बोर्ड और मेन्यू चार्ट भी लगे थे, लेकिन बच्चों की अनुपस्थिति और भोजन व्यवस्था ठप होने से शासन की पोषण योजनाओं की वास्तविक स्थिति उजागर हो गई।
आरोप है कि स्व-सहायता समूह की लापरवाही अथवा विभागीय उदासीनता के कारण बच्चों को निर्धारित आहार नहीं मिल पा रहा है। वहीं यह भी सवाल उठ रहे हैं कि जब कई दिनों से भोजन व्यवस्था बंद है तो महिला एवं बाल विकास विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग क्यों नहीं कर रहे हैं।
हालांकि इस मामले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है। भोजन उपलब्ध नहीं होने का हवाला देकर निर्धारित समय से पहले केंद्र की छुट्टी कर देना नियमों के विपरीत माना जा रहा है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर भोजन व्यवस्था तत्काल बहाल की जाए तथा दोषी स्व-सहायता समूह, संबंधित अधिकारियों और लापरवाह कर्मचारियों पर कार्रवाई की जाए, ताकि दूरस्थ क्षेत्रों के नौनिहाल बच्चों को शासन की पोषण योजनाओं का वास्तविक लाभ मिल सके।

👁️ 1 views Views
Share This Article
Translate »