कड़कनाथ पालन से आत्मनिर्भर बनीं उर्मिला मार्कोसुडगाँव की महिला ने स्वरोजगार से बदली अपनी आर्थिक तस्वीर

Revanchal
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मंडला, 7 फरवरी 2026
ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने वाली कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना अब कई परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। जनपद पंचायत मोहगाँव के ग्राम सुडगाँव की श्रीमती उर्मिला मार्को इसकी एक प्रेरणादायक मिसाल बनकर सामने आई हैं, जिन्होंने इस योजना से जुड़कर अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है।


वर्ष 2023-24 में उनका चयन कड़कनाथ कुक्कुट पालन योजना के अंतर्गत हुआ। योजना की कुल लागत 4 हजार 400 रुपये थी, जिसमें से 75 प्रतिशत अनुदान शासन द्वारा प्रदान किया गया। योजना के तहत उन्हें 28 दिवसीय 40 कड़कनाथ चूजे, गुणवत्तापूर्ण आहार, आवश्यक दवाइयाँ तथा कुक्कुट इकाई उपलब्ध कराई गई। पशुपालन विभाग ने उन्हें वैज्ञानिक तरीके से पालन-पोषण का प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन भी दिया।


श्रीमती उर्मिला मार्को बताती हैं कि कड़कनाथ मुर्गी अपनी उच्च रोग प्रतिरोधक क्षमता, कम कोलेस्ट्रॉल और अधिक प्रोटीन के कारण बाजार में विशेष मांग रखती है। योजना से जुड़ने के बाद उन्हें घर बैठे रोजगार का अवसर मिला और उनकी आय में निरंतर वृद्धि होने लगी।


अब तक वे कड़कनाथ कुक्कुट पालन से लगभग 25 हजार रुपये की आय अर्जित कर चुकी हैं। इस आय से वे अपने परिवार की जरूरतों को बेहतर ढंग से पूरा कर पा रही हैं और आत्मनिर्भर जीवन की ओर आगे बढ़ रही हैं।


उर्मिला मार्को की यह सफलता कहानी बताती है कि यदि शासन की योजनाओं का सही तरीके से लाभ लिया जाए, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधार सकती हैं। उनकी यह उपलब्धि अन्य महिलाओं और पशुपालकों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन रही है।

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