रेवांचल टाइम्स पन्ना
अमानगंज स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही हैं। अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि अस्पताल के लेबर रूम और डिलीवरी रूम जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आवारा कुत्ते खुलेआम घूमते देखे जा रहे हैं, जिससे संक्रमण और किसी बड़ी दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
अस्पताल में नियमित साफ-सफाई का अभाव, चिकित्सकों की समय पर अनुपस्थिति और अव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते दूर-दराज से आने वाले मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। प्रसूति वार्ड में महिलाओं के उपयोग के लिए बने शौचालय वर्षों से बंद पड़े हैं और उन पर ताले लटके हुए हैं। सफाई व्यवस्था भी बदहाल है, जिससे अस्पताल परिसर गंदगी का अड्डा बनता जा रहा है।
अस्पताल में पदस्थ महिला स्टाफ नर्स पीटर सिस्टर ने बताया कि प्रसूति कक्ष की बदहाल स्थिति और बंद शौचालयों की समस्या को लेकर कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। शौचालय बंद होने के कारण प्रसूति महिलाओं को बाहर बने शौचालयों का उपयोग करना पड़ता है, जिससे प्रसव के दौरान और उसके बाद सीढ़ियां चढ़ने-उतरने में उन्हें गंभीर शारीरिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
इसके अलावा प्रसूति कक्ष की इमारत भी जर्जर हो चुकी है। बरसात के दौरान दीवारों से पानी का रिसाव होता है और खिड़कियां भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हैं। अस्पताल भवन के पीछे उगी घनी झाड़ियां और पेड़-पौधों की सफाई नहीं होने से जहरीले सांप और बिच्छुओं के लेबर रूम तक पहुंचने की आशंका बनी रहती है, जो मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार नहीं किया गया तो यह लापरवाही किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने जिला स्वास्थ्य प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर अस्पताल की साफ-सफाई, सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त कराने की मांग की है।
